चित्रशाला - 08
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं
जब फ़िल्मी नायक असली ज़िन्दगी में बन गए खलनायक
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Shiney Ahuja & Inder Kumar being taken to custody |
अपराधों में एक अपराध है किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जाने या अनजाने में उकसाना। और
इस अपराध के दायरे में आए अभिनेता आदित्य पंचोली व अभिनेत्री ज़रीना वहाब के सुपुत्र सूरज पंचोली, जिन्होंने अभी हाल ही में सुभाष घई की फ़िल्म ’हीरो’ से फ़िल्म जगत में क़दम रखा है। वैसे पिता आदित्य पंचोली का दामन भी कोई साफ़ सुथरा दामन नहीं था। कुछ समय पहले आदित्य को जुहु बीच के एक पब में एक बाउन्सर के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। ज़मानत पर वो रिहा हुए अगले दिन। बस इतना ही नहीं, आदित्य पंचोली की पूर्व-प्रेमिका थीं पूजा बेदी। पूजा बेदी के साथ सम्बन्ध के दौरान एक बार पूजा के घर पर उसकी नाबालिग नौकरानी से बलात्कार करने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूजा ने आदित्य से किनारा कर लिया था। आदित्य ने संघर्षरत अभिनेत्री कंगना रनौत से भी सम्बन्ध कायम करने की कोशिशें की थी पर नाकामयाब रहे। पिता का यह गुण पुत्र में भी अब दिखाई दे रहा है। सूरज पंचोली ने अभिनेत्री जिया ख़ान से दोस्ती बढ़ाई, नज़दीक़ियाँ बढ़ीं, जिया गर्भवती भी हुईं और मजबूरी में उन्हें गर्भपात भी करवाना पड़ा। पर सूरज ने कभी जिया को गम्भीरता से नहीं लिया जाकि जिया उससे सच्चे दिल से प्यार करने लगी थी। मानसिक पीड़ा इतनी बढ़ गई कि अन्त में जिया ने इस दुनिया से किनारा कर लेने में ही अपनी भलाई समझी। सूरज गिरफ़्तार हुआ, जिया की माँ राबिया ख़ान ने मामला ठोक दिया, मामले का अंजाम अभी जारी है।
Aditya & Sooraj - Like Father Like Son |
शोषण केवल महिलाओं का ही हो यह ज़रूरी नहीं। पुरुषों का भी शोषण होता चला आया है, ख़ास तौर से
समलैंगिक शोषण। इसके दो प्रमुख उदाहरण हैं गायक/अभिनेता सोनू निगम और वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार सुभाष के. झा वाला क़िस्सा, और दूसरा अभिनेता युवराज पराशर और फ़िल्मकार ओनिर के बीच का क़िस्सा। कुछ साल पहले सोनू निगम ने मीडिया को यह स्कूप दिया कि सुभाष झा उन पर यौन उत्पीड़न कर रहे हैं, उन्हे अश्लील संदेश भेज रहे हैं मोबाइल पर, और उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध स्थापित करने के लिए अनुनय विनय कर रहे हैं। सोनू के बार बार यह कहने पर भी कि उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, सुभाष ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और जब कुछ ना हो पाया तो सोनू के बारे में बुरी बातें अपने लेखों में लिखने लगा। इस आरोप के उत्तर में सुभाष झा ने यह सफ़ाई दी कि पहली बात तो यह कि सोनू को अगर मैंने सचमुच कोई पीड़ा पहुँचाई है तो वो पुलिस और अदालत का दरवाज़ा ना खटखटा कर मीडिया में क्यों चले गए? इसी से पता चलता है कि सोनू ने ये सब पब्लिसिटी या मेरे साथ किसी दुश्मनी की वजह से किया। जब मैं उनके बारे में अच्छी बातें लिखता था, तब उन्हें मेरे साथ सम्बन्ध रखने में कोई परेशानी नहीं थी। ऐसा ही क़िस्सा था युवराज पराशर और ओनिर के बीच का। युवराज ने मीडिया को बताया कि ओनिर ने उनका बलात्कार किया अपने घर बुला कर। ओनिर ने साफ़-साफ़ कहा कि युवराज कोई बेबस लाचार बच्चा नहीं है जिसका वो बलात्कार कर सके। युवराज उच्चता और शारीरिक गठन में उनसे बड़े हैं, ताक़तवर हैं। जो कुछ भी हुआ था दोनों की सहमति से हुआ था, युवराज को मेरे फ़िल्म में काम मिलने की उम्मीद थी, इसलिए उन्हें तब कोई परेशानी नहीं थी। किसी वजह से मेरी फ़िल्म में उसे चान्स नहीं मिला तो अब मीडिया को ये सब बातें बता रहा है।
Sonu Nigam & Yuvraaj Parashar |
खोज, आलेख व प्रस्तुति : सुजॉय चटर्जी
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