Friday, December 14, 2012

शब्दों के चाक पर - 21

कुछ मौसम मैंने संभाल रखे हैं
मन की बगिया में उतार रखे हैं
जो रंगीन तितलियों से उड़ते हैं
टिटियाती चिड़ियों के सुरों में
मधुर गीत भी बुन के रखे हैं
जो दिन भर मंजीरों से बजते हैं
रंगीन रिश्तो के आइनों के भी
रंग किर्चों से निकाल रखें हैं
बिखरे पंख यादों के पाखी के
मन - किताबों में संभाल रखें हैं

दोस्तों, आज की कड़ी में हमारा विषय है - "कुछ बचा लो" और "बेसूझ साया"। हमने शुरूआत यादों से की और सफर खत्म प्यार पर किया। इस तरह देखा और तौला जाए तो सफर का नाम कुछ और नहीं "ज़िंदगी" निकलता है। कविताएं पिरोकर लाये हैं आज हमारे विशिष्ट कवि मित्र। पॉडकास्ट को स्वर दिया है शेफाली गुप्ता ओर अनुराग शर्मा ने, स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने, सम्पादन व संचालन है अनुराग शर्मा का, व सहयोग है वन्दना गुप्ता का। आइये सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये ...


(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)




 या फिर यहाँ से डाउनलोड करें (राईट क्लिक करके 'सेव ऐज़ चुनें')

"शब्दों के चाक पर" हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम -




1. इस साप्ताहिक कार्यक्रम में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी के फेसबुक ग्रुप में यहाँ जुड़ सकते है.


2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के प्रमुख पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में आवाज़ भरेंगें और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगी. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से यह बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते.

4. अधिक जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं- vdeepaksingh@gmail.com

6 comments:

vandan gupta said...

पूरी टीम का कार्य बेहद उम्दा और प्रशंसनीय है …………राजेश कुमारी जी को हार्दिक बधाई ।

Rajesh Kumari said...

सुबह से जब भी इस एपिसोड को सुनने बैठी तभी कोई ना कोई अड़चन आ गई कभी लाईट चली गई कभी खुद जाना पड़ा अभी पूरा सुनने का मौका मिला इस एपिसोड में एक ख़ास बात ये लगी की इसमें आवाज बहुत साफ़ और लाउड लगी हर बार की तरह बेहतरीन प्रस्तुति बेहतरीन स्क्रिप्ट ,शब्दों को जिंदगी देती दिलकश आवाजें सभी लेखकों की शानदार रचनाएं बहुत उत्कृष्ट एपिसोड जिसकी सफलता से जुड़े अनुराग शर्मा जी ,शैफाली गुप्ता जी विश्वदीपक जी वंदना गुप्ता जी के साथ जुड़े हुए सभी सदस्यों के लिए हार्दिक बधाई ।

Sajeev said...

rajesh kumari ji shyad dusari ya teesari baar vijeta bani hai...badhaayi

Smart Indian said...

राजेश कुमारी जी को बधाई!

Rajesh Kumari said...

आप सब का हार्दिक आभार

रंजू भाटिया said...

बहुत मेंहनत करते हैं आप सब ..पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई ........

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