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शब्दों के चाक पर - अंक 22

जब तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार उमड़ आये,
और वो तुम्हारी आँखो से छलक सा जाए
मुझसे अपनी दिल के बातें सुनने को
यह दिल तुम्हारा मचल सा जाए
तब एक आवाज़ दे कर मुझको बुलाना
दिया है जो प्यार का वचन सजन,
तुम अपनी इस प्रीत की रीत को निभाना
~ रंजु भाटिया

दोस्तों, कविता पाठ के इस साप्ताहिक कार्यक्रम की आज की कड़ी में हमारा विषय है - "प्रीत की रीत निभाये" एवं "उस पार और एक आवाज़"। हमने शुरूआत प्यार से की और सफर खत्म पर किया यादों पर। दोनों विषयों पर हमें एक से बढकर कविताएँ पढने को मिलीं और हमने पूरी कोशिश की कि उनमें से कुछ कविताएँ आपको सुनवा दें। उम्मीद करते हैं कि हम इस प्रयास में सफल हुए होंगे। कविताएं पिरोकर लाये हैं आज हमारे विशिष्ट कवि मित्र। पॉडकास्ट को स्वर दिया है शेफाली गुप्ता ओर अनुराग शर्मा ने, स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने, सम्पादन व संचालन है अनुराग शर्मा का। आइये सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये ...


(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)




 या फिर यहाँ से डाउनलोड करें (राईट क्लिक करके 'सेव ऐज़ चुनें')

"शब्दों के चाक पर" हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम -
1. इस साप्ताहिक कार्यक्रम में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी के फेसबुक ग्रुप में यहाँ जुड़ सकते है.


2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के प्रमुख पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में आवाज़ भरेंगें और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.


3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगी. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से यह बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते.


4. अधिक जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं- vdeepaksingh@gmail.com

Comments

Sajeev said…
bahut hi badhiya, script aur sanchalan donon :) badhaayi khaaskar shuruaat jabardast lagi
vandan gupta said…
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (22-12-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!
Rajesh Kumari said…
स्क्रिप्ट और गीतों का चयन इस एपिसोड में लाजबाब है आवाज हर बार की तरह मन मोहती है थोडा अनुराग शर्मा जी की रिकार्डिंग में टक टक का साउंड डिस्टर्ब कर रहा था पता नहीं मेरे यहाँ ही ये आवाज आ रही थी या सभी के यहाँ किन्तु शैफाली जी के बोलने के वक़्त वो साउंड नहीं है ,सभी कवियों की लाजबाब प्रस्तुतियां हैं इस रिकार्डिंग के माध्यम से मुझे लगा की मेरी कविता (जो मेरे एक सच पर लिखी गई है उस पार एक आवाज पर )पेश की गई है वो अमरत्व को प्राप्त कर गई सुन कर एक बार फिर आंसू बह निकले ,इस एपिसोड में भाग लेने वाले सभी मित्रों को बधाई सरस दरबारी जी को विशेष हार्दिक बधाई
Smart Indian said…
राजेश जी, किसी तकनीकी कारण से ऐसा हुआ, असुविधा के लिए खेद है। सरस जी को हार्दिक बधाई!

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