शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

एक अधूरी सी हसरत...शब्दों में उजागर

शब्दों की चाक पर - एपिसोड 13

ख्वाब उगते हैं आँखों में, चमकते हैं कुछ तो कुछ मुरझा जाते हैं, तमाम मुक्कमल ओर अधूरी हसरतों के इस खेल में डूबती उतरती है जिंदगी. कुछ ऐसे ही भाव सजा कर लाये हैं हमारे कवि मित्र आज अपने शब्दों में. जिसे आवाज़ दी है अभिषेक ओझा ओर शैफाली गुप्ता ने. स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने ओर संयोजन सहयोग है वंदना गुप्ता, अनुराग शर्मा ओर सजीव सारथी का, तो सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये.

(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)



  या फिर यहाँ से डाउनलोड करें 


शब्दों की चाक पर हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने  के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि  हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम - 


1. कार्यक्रम की क्रिएटिव हेड रश्मि प्रभा के संचालन में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी से संपर्क कर उनके फेसबुक ग्रुप में जुड सकते हैं, रश्मि जी का प्रोफाईल यहाँ है.

2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के हेड पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में अपनी आवाज़ भरेंगें. और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगें. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से ये बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते. 

4. किसी भी जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं-   vdeepaksingh@gmail.com 

7 टिप्‍पणियां:

Rajesh Kumari ने कहा…

आज पता नहीं क्या गड़बड़ है रिकार्डिंग बहुत अटक अटक कर चल रही है पहली बार एसा हो रहा है देखती हूँ कब तक इसे सुन पाउंगी

अनाम ने कहा…

डॉ सरस्वती माथुर ने कहा
शैफ़ाली गुप्ता, अभिषेक ओझा , विश्वदीपक जी, सजीव सारथी और अनुराग ओझा जी ,रश्मि जी और हाँ वंदना जी की भागीदारी भी सराहनीय है
सारी टीम बधाई की पात्र है। हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!
राजेश जी को सरताज ख़िताब मिलने पर बधाई !

डॉ सरस्वती माथुर

अनाम ने कहा…

डॉ सरस्वती माथुर ने कहा
शैफ़ाली गुप्ता, अभिषेक ओझा , विश्वदीपक जी, सजीव सारथी और अनुराग ओझा जी ,रश्मि जी और हाँ वंदना जी की भागीदारी भी सराहनीय है
सारी टीम बधाई की पात्र है। हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!
राजेश जी को सरताज ख़िताब मिलने पर बधाई !

डॉ सरस्वती माथुर

Rajesh Kumari ने कहा…

सुबह से तरसा तरसा कर अब नेट वर्क ठीक से आया अभी सुना यह एपिसोड आग़ाज ही जबरदस्त हुआ बहुत सुन्दर संगीत ,गीत चयन अभिषेक ओझा जी और शैफाली गुप्ता जी की चुम्बकीय ,मीठी आवाज में बेहतरीन भूमिका जो विश्वदीपक जी की कलम का जादू है फिर उस पर सभी कवी कवयित्री दोस्तों की खूबसूरत अप्रतिम रचनाएं उनकी आवाजों में कुल मिलाकर एक उत्कृष्ट ,बेहतरीन एपिसोड की प्रस्तुति है | वंदना गुप्ता, अनुराग शर्मा ओर सजीव सारथी को ,और रश्मि प्रभा जी को अभिषेक ओझा जी और शैफाली गुप्ता जी और सभी रचनाकार मित्रों को हार्दिक बधाई| मेरी कविता आपका दिल छू सकी ये मेरी लेखनी का सम्मान है ह्रदय से आभारी हूँ

Smart Indian ने कहा…

बहुत सुन्दर कार्यक्रम। राजेश कुमारी जी को हार्दिक बधाई!

vandan gupta ने कहा…

अनुराग शर्मा ओर सजीव सारथी को ,और रश्मि प्रभा जी को अभिषेक ओझा जी और शैफाली गुप्ता जी और सभी रचनाकार मित्रों का हार्दिक आभार जो इतना श्रमसाध्य कार्य कर रहे हैं । कितनी सुन्दरता से अपने मधुर स्वर मे कविताओं को पिरो दिया है कि सुनने मे आनन्द आ जाता है। राजेश कुमारी जी को बधाई।

poonam ने कहा…

kitna sunder, sukhad ehassas hae yah, jab sabhi kavitao ko sunti hun....sab bhul jatti hun....bahut bahut badhai...

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