Thursday, August 22, 2013

इक अनजाने की तस्वीर आँखों में लिए फिरता हुस्न

खुद ढूँढ रही है शम्मा जिसे क्या बात है उस परवाने की...दिलकश नशीली आवाज़ आशा जिसे निखारा ओ पी नैयर की तर्ज ने तो दिशा दी मजरूह के शब्दों में...आज खरा सोना गीत (ओल्ड इस गोल्ड रिवाइवल) में आज प्रस्तुत है इस गीत की कहानी, प्रस्तुतकर्ता मीनू सिंह के साथ, सुजॉय चटर्जी  की कलम और संज्ञा टंडन के निर्देशन में आनंद लें इस प्रस्तुति का 

No comments:

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ