Saturday, December 11, 2010

गिरिजेश राव की कहानी गेट

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने मृणाल पाण्डेय की संस्मरणात्मक कहानी "लड़कियाँ"" का पॉडकास्ट प्रीति सागर की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव की कहानी "गेट", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "गेट" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 2 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस कथा का टेक्स्ट एक आलसी का चिठ्ठा पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।

"पास बैठो कि मेरी बकबक में नायाब बातें होती हैं। तफसील पूछोगे तो कह दूँगा,मुझे कुछ नहीं पता "
~ गिरिजेश राव

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी
"...उसे अपने पर फिर गर्व हो आया था।"
(गिरिजेश राव की कहानी 'गेट' से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
गेट MP3

#115th Story, Gate: Girijesh Rao/Hindi Audio Book/2010/47. Voice: Anurag Sharma

2 comments:

गिरिजेश राव Girijesh Rao said...

इतनी सुघर प्रस्तुति के लिए धन्यवाद। भावों के साथ स्वर के बदलाव और गँवई बोली का निर्वाह दोषहीन लगे।
आभार।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

धन्यवाद गिरिजेश। यह कहानी पढना मेरे लिये भी एक अच्छा अनुभव था।

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