Friday, May 4, 2012

रचना बजाज की कहानी "अपनापन"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर शुक्रवार को आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रचना बजाज जी की कहानी अपनापन जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। कहानी "अपनापन" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।



जो धनी बनुँ तो दान करुँ, शिक्षित हूँ तो बाटुँ शिक्षा; इस जीवन मे पाई है, बस इतनी ही मैने दीक्षा।
 ~ रचना बजाज

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

फ़ातिमा चाची भी झट उनके पास आकर कहती , आरती दीदी मुझे भी अपने लिये बनाना है, मुझे भी सिखाओ ना!
 (रचना बजाज की "अपनापन" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
 यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
अपनापन MP3


#15th Story, Apanapan: Rachana Bajaj/Hindi Audio Book/2012/15. Voice: Archana Chaoji

4 comments:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत सुंदर सार्थक प्रस्तुति // रचना जी की बेहतरीन कहानी और अर्चना जी की आवाज ने कहानी में जान डाल दी,..बधाई ...

MY RECENT POST ....काव्यान्जलि ....:ऐसे रात गुजारी हमने.....

Smart Indian said...

अर्चना जी और रचना जी, आप दोनों का धन्यवाद इस मर्मस्पर्शी प्रस्तुति के लिये।

अनूप शुक्ल said...

चाची के रिश्तेदारों के लिये चाची एक काम था जो खतम हो गया।

बहुत संवेदनशील कहानी।

आपकी आवाज में कहानी सुनना और अच्छा लगा।

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

अर्चना जी , आपकी आवाज और उच्चारण बहुत सुन्दर है । आपकी आवाज में कहानी का प्रभाव और बढ़ गया है ।

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ