Tuesday, April 2, 2013

भोला भट्ट - गिरिजाशंकर भगवानजी "गिजुभाई" बधेका

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवा रहे हैं हिन्दी की रोचक कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने शेफाली गुप्ता की आवाज़ में सुधा ओम ढींगरा की कहानी "लड़की थी वह" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजाशंकर भगवानजी "गिजुभाई" बधेका के गुजराती लोक-कथा संकलन से एक कहानी "भोला भट्ट" जिसका हिन्दी अनुवाद किया है काशीनाथ त्रिवेदी ने और स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी का कुल प्रसारण समय 6 मिनट 35 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।








इसमें नया क्या है? यह तो रात का अन्धेरा भरा है।
~ गिजुभाई बधेका (15 नवम्बर, 1885 - 23 जून, 1939)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

छह दिनों तक उन्होंने कथा कहीं, सातवें दिन उनका गला बैठ गया। बहुत कोशिश की, पर गला खुला ही नहीं।
(गिजुभाई बधेका की कहानी "भोला भट्ट" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें:

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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
भोला भट्ट MP3
(लिंक पर राइट क्लिक करके सेव ऐज़ का विकल्प चुनें और ऑडियो फाइल सेव कर लें)

#11th Story, Bhola Bhatt: Gijubhai Badheka/Hindi Audio Book/2013/11. Voice: Anurag Sharma

2 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत अच्छी हैं गिजूभाई की कहानियाँ।

Smart Indian said...

धन्यवाद!

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