मंगलवार, 13 जून 2017

स्वयं प्रकाश की कथा अकाल मृत्यु

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में रबींद्रनाथ ठाकुर की कथा भिखारिन का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं स्वयं प्रकाश की कथा अकाल मृत्यु, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 51 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस कथा का पद्य हिंदी समय पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

लेखक: स्वयं प्रकाश
जन्म: 20 जनवरी, 1947
सम्मान: राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार, वनमाली स्मृति पुरस्कार, सुभद्राकुमारी चौहान पुरस्कार, पहल पुरस्‍कार


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

इम्मी के हाथ में एक छींका था जिसमें एक धुआँती मटकी रखी थी।
 (स्वयं प्रकाश की कथा 'अकाल मृत्यु' से एक अंश)



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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
अकाल मृत्यु MP3

#Tenth Story, Akal Mrityu; Swayam Prakash; Hindi Audio Book/2017/10. Voice: Anurag Sharma

2 टिप्‍पणियां:

Anita ने कहा…

दिल को छू लेने वाली कहानी

Smart Indian ने कहा…

आभार!

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