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भीष्म साहनी की "दो गौरय्या"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "देशभक्ति की पॉलिश" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं भीष्म साहनी की कथा "दो गौरय्या", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 12 मिनट 18 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

भीष्म साहनी (1915-2003)

हर शुक्रवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"घर के अंदर भी यही हाल है। बीसियों तो चूहे बसते हैं।"
(भीष्म साहनी की "दो गौरय्या" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें।
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
दो गौरय्या MP3

#Twelfth Story, Do Gaurayya: Bhisham Sahani/Hindi Audio Book/2017/12. Voice: Archana Chaoji

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