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आओ फिर से दिया जलाएं.... आव्हान उन सबके लिए जो किसी भी तरह की प्रेरणा चाहते हैं

महफ़िल ए कहकशाँ 12


अटल बिहारी वाजपेयी और लता मंगेशकर 



दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित "कहकशां" और "महफिले ग़ज़ल" का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर हैं, "महफिल ए कहकशां" के रूप में पूजा अनिल और रीतेश खरे  के साथ।  अदब और शायरी की इस महफ़िल में आज पेश है लता मंगेशकर की आवाज़ में अटल बिहारी वाजपेयी की नज़्म|




मुख्य स्वर - पूजा अनिल एवं रीतेश खरे 

स्क्रिप्ट - विश्व दीपक एवं सुजॉय चटर्जी




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