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शॉर्टकट टु हैपिनैस - अनुराग आर्या


लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने स्वर-कलाकार "संज्ञा टण्डन" की विशिष्ट प्रस्तुति में, पूजा अनिल के स्वर में गौतम राजऋषि की कथा "लेम्बरेटा, नन्ही परी और एक ठिठकी शाम" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, डॉ अनुराग आर्या की रचना शॉर्टकट टु हैपिनैस, स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

 इस कहानी शॉर्टकट टु हैपिनैस का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 43 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



जब हम एक वक़्त से दूसरे वक़्त, एक शहर से दूसरे शहर, एक देश से दूसरे देश में अपने अपने कारणों के लिए बसते है, हम अपने भीतर ढेर सारी चीज़े साथ लेकर चलते है जिसमे चाही अनचाही बहुत सी चीज़े होती है। जीवित - निर्जीव दोनों! अज़ीब बात है कभी कभी हम उन्ही चीज़ो को बचाये रखते है जिन्हे हम खोना चाहते थे!
~ डॉ अनुराग आर्या
मेरठ में रहने वाले डॉ अनुराग आर्या पेशे से डर्मेटोलॉजिस्ट हैं। शौकिया लिखते हैं। मुख्य तौर पर उनके संस्मरण ब्लॉग जगत में खूब सराहे गए हैं। इसके अलावा त्रिवेणी और नज़्म लिखना उन्हें पसंद है। उनके ब्लॉग दिल की बात का लिंक है: www.anuragarya.blogspot.com

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"अम्मा जितना डांटती हैं, वह उतना ही खिलखिलाती है।”
 (डॉ अनुराग आर्या की रचना "शॉर्टकट टु हैपिनैस" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
डॉ अनुराग आर्य की रचना शॉर्टकट टु हैपिनैस MP3

#Tenth Story, Shortcut to Happiness: Anurag Arya/Hindi Audio Book/2016/10. Voice: Pooja Anil

Comments

Anita said…
बहुत प्रभावशाली कहानी..औरत के हिस्से के दुःख शायद उसकी जात ने ही चुन कर रखे हैं ..अम्मा और आपा को पहले बदलना होगा तब कहीं..लेकिन उनकी सोच तो उनसे बड़ों ने तय कर दी है..तो फिर स्वयं ही रचना होगा अपना भविष्य हरेक को..

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