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काजल कुमार की लघुकथा कुत्ता

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने माधवी गणपुले के स्वर में आशा गुप्ता आशु की लघुकथा "ममता की छांव में" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं काजल कुमार लिखित लघुकथा कुत्ता, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी कुत्ता का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 40 सेकंड है। इसका गद्य कथा-कहानी ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

कवि, कथाकार और कार्टूनिस्ट काजल कुमार के बनाए चरित्र तो आपने देखे ही हैं। उनकी व्यंग्यात्मक लघुकथायेँ "एक था गधा", "ड्राइवर" और "लोकतनतर" आप पहले सुन चुके हैं। काजल कुमार दिल्ली में रहते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"दद्दा,क्या हुआ जो यूँ जेल मोल ले ली?”
 (काजल कुमार की लघुकथा "कुत्ता" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
कुत्ता MP3

#Ninth Story,  Kutta; Kajal Kumar; Hindi Audio Book/2015/09. Voice: Anurag Sharma

Comments

Anita said…
समाज की असंवेदनशीलता पर प्रहार करती बहुत मार्मिक कहानी..
Poonam Jain said…
Heat touching ...