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गीत अतीत 21 || हर गीत की एक कहानी होती है || जाने क्या हो गया || देश दीपक

Geet Ateet 21
Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Jaane Kya Ho Gaya
Jaane Kya Ho Gaya
Desh Deepak - Singer, Composer & Lyricist 


"अगर विडियो में जाने पहचाने कलाकार हों तो गाने का स्वतः ही प्रमोशन हो जाता है  " -    देश दीपक 



स्वागत कीजिये गायन, लेखन और संगीत की दुनिया में एक नए कलाकार का. देश दीपक अपने नए गीत "जाने क्या हो गया" के साथ इस मुश्किल मैदान में उतरे हैं, ये उनका डेब्यू गीत है जिसे जी म्यूजिक ने हाल ही में जारी किया है. मिलते हैं आज देश दीपक से और उन्हीं से जानने की कोशिश करते हैं कि इस सुरीले गीत के बनने का अतीत क्या है, "जाने क्या हो गया" गीत के बनने की कहानी, गायक, संगीतकार और गीतकार देश दीपक से आज गीत अतीत में, प्ले पर क्लिक करें और सुनें




डाउनलोड कर के सुनें यहाँ से....

सुनिए इन गीतों की कहानियां भी -
हौले हौले (गैर फ़िल्मी सिंगल)
कागज़ सी है ज़िन्दगी (जीना इसी का नाम है) 
बेखुद (गैर फ़िल्मी सिंगल)
इतना तुम्हें (मशीन) 
आ गया हीरो (आ गया हीरो)
ये मैकदा (गैर फ़िल्मी ग़ज़ल)
पूरी कायनात (पूर्णा)
दम दम (फिल्लौरी)
धीमी (ट्रैपड) 
कारे कारे बदरा (ब्लू माउंटेन्स)
रेज़ा रेज़ा (सलाम मुंबई)

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महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

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