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MH370 विमान में लापता हुए लोगों के लिए मंगलकामना करता है 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया'


विशेष प्रस्तुति 

MH370 विमान में लापता हुए लोगों को समर्पित 


MH370 विमान के लापता हुए आज 10 दिन बीत चुके हैं। सिविल एविएशन के इतिहास में शायद यह सबसे बड़ी रहस्यमय घटना है जिसने पूरे विश्व को दहला दिया है। इतना विशाल विमान, 239 लोग, यकायक कैसे ग़ायब हो गए बिना किसी सुराग़ के! आज 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से MH370 विमान में लापता हुए लोगों के शीघ्र वापसी की मंगलकामना करता है।




आस-पास

मम्मी, पापा, कहाँ हो आप?
मुस्कुराकर 'गूड-बाइ' कहा था उस रात को एअरपोर्ट पर
याद है ना?
और कहा था सुबह बेजिंग् पहुँचते ही फ़ोन करेंगे
रात भर मुन्नी करवट बदलती रही
आप दोनों के बिना सोने की आदत जो नहीं
किसी तरह सुबह हुई और पूछने लगी
"मम्मी-पापा का फ़ोन आया?"
क्या जवाब देता उसे?
फ़ोन तो आया था पर एअरवेज़ का।


आपने कहा था कि बस दस दिनों की ही तो बात है
तो लीजिये आज पूरे दस दिन हो गये
अब तो आपके वापसी का भी समय हो गया
अब तो चले आइये!
मुन्नी अपने चीनी खिलौनों का इन्तज़ार कर रही है
दादा-दादी मुरझा चुके हैं
नाना-नानी ख़ामोश बैठे हैं
आज पुलिस वाले आये थे घर पर
शायद यह पता लगाने 
कहीं आपको प्लेन उड़ाना तो नहीं आता
किसी मज़हबी गुट से तो नहीं ताल्लुख़ रखते
और भी न जाने क्या-क्या!
मुन्नी उन्हें देख कर तो डर ही गई
कह कर गये हैं कि कल फिर आयेंगे।


मैं किससे कहूँ अपने मन की बात,
किस हाल में होंगे आप दोनो,
काँप उठता हूँ यह सोच कर
कि ज़िन्दा तो होंगे न आप?
कहीं आपको कुछ हुआ तो नहीं,
आसमान पर कहीं भयानक कोई बिस्फ़ोट तो नहीं?
कहीं दम तो नहीं घुट गया उपर से गिरते वक़्त?
कहीं अथाह समन्दर में सलिल-समाधि तो नहीं ले ली?
धत्‍, ये सब मैं क्या सोच रहा हूँ!
पर मन ही मन मैं अब तक ख़ुश हूँ
कि आपका कुछ पता नहीं चल पा रहा,
इसी बहाने यह उम्मीद तो बरकरार है
कि शायद आप ज़िन्दा हैं,
मेरे और मुन्नी के आस-पास हैं।

सुजॉय चटर्जी 

Comments

Sajeev said…
very touching sujoy...so u r on the way to became a poet right ?

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन ट्विटर और फेसबुक पर चुनावी प्रचार - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Sujoy Chatterjee said…
nahi sajeev ji, bas jo mann mein aaya tha likh diya.

Sujoy
Amit said…
सुजॉय जी। बहुत ही बढ़िया
Vijay Vyas said…
शानदार लिखा है सुजॉय जी। आपकी लेखनी का जवाब नहीं। हम सभी रेडियोप्‍लेबैक के रीडर्स सभी की मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं ।

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