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मुंशी प्रेमचंद कृत शिकारी राजकुमार

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने माधवी चारुदत्ता के स्वर में मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित व्यंग्य "मोटर की छींटें" सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित रोचक कहानी शिकारी राजकुमार जिसे स्वर दिया है माधवी चारुदत्ता ने।

प्रस्तुत कहानी का गद्य "भारत डिस्कवरी" पर उपलब्ध है। "शिकारी राजकुमार" का कुल प्रसारण समय 23 मिनट 33 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।





मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
 ~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


"मृग पृथ्वी पर पड़ा तड़प रहा था और उस अश्वारोही की भयंकर और हिंसाप्रिय आँखों से प्रसन्नता की ज्योति निकल रही थी।”
 (मुंशी प्रेमचंद कृत "शिकारी राजकुमार" से एक अंश)


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शिकारी राजकुमार MP3

#31st Story, Shikari Rajkumar: Munshi Premchand Hindi Audio Book/2013/31. Voice: Madhavi Ganapule

Comments

Smart Indian said…
@ दीन पशुओं के वध करने में कोई बहादुरी नहीं, कोई साहस नहीं; सच्चा साहस और सच्ची बहादुरी दीनों की रक्षा और उनकी सहायता करने में है
- रोचक और शिक्षाप्रद कहानी, आभार!

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