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रॉक ऑन के सितारे जुटे बाढ़ राहत कार्य में

आवाज़ ने संगीतप्रेमियों से इस फ़िल्म की सिफारिश की थी, और आज यह फ़िल्म साल की श्रेष्ट फिल्मों में एक मानी जा रही है. फ़िल्म के संगीत का नयापन युवाओं को बेहद भाया. फरहान अख्तर ने बतौर अभिनेता और गायक अपनी पहचान बनाई. बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ के पीडितों के लिए मुंबई में अभी हाल ही में इस फ़िल्म के सितारों और संगीत टीम के सदस्यों ने जबरदस्त शो किया और इस नेक काम के लिए धन अर्जित किया. "मेरी लौंड्री का एक बिल..." गीत जब ऋतिक रोशन थिरके तो दर्शक समूह झूम उठा. "रॉक ऑन" का संगीत वास्तव में रोक्किंग है.


रविन्द्र जैन की वापसी

लंबे समय के बाद सुप्रसिद्ध गीतकार संगीतकार रविन्द्र जैन फ़िल्म संगीत में वापसी कर रहे हैं. ७ नवम्बर को राजश्री प्रोडक्शन के साथ उनकी नई फ़िल्म "एक विवाह ऐसा भी" प्रर्दशित हो रही है. रविन्द्र जी ने राजश्री फ़िल्म्स के साथ लगभग १७ फिल्मों में काम किया है. "अबोध" की असफलता के लगभग २० वर्षों के बाद फ़िल्म "विवाह" से रविन्द्र जी ने बड़जात्या परिवार के साथ अपनी वापसी की थी. अब "एक विवाह ऐसा भी" से भी इसी तरह की सफलता की दर्शकों और श्रोताओं को उम्मीदें हैं.


नदीम श्रवण की जोड़ी दिखायेगी फ़िर से कमाल

आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, सजन, दीवाना, राजा हिन्दुस्तानी और परदेस जैसी फिल्मों से ९० के दशक में संगीत जगत पर राज करने वाली संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण २००५ में हुए "स्प्लिट" के बाद अब फ़िर से एक होकर काम करेगी. धर्मेश दर्शन की "बावरा" और डेविड धवन की "डू नोट डिसटर्ब" होंगीं उनकी आने वाली फिल्में, जहाँ एक बार फ़िर क्रेडिट टाइटल में नदीम और श्रवण का नाम एक साथ देखा जाएगा. संगीत प्रेमियों के लिए यह निश्चित ही एक सुखद ख़बर है...उम्मीद करेंगें कि जतिन ललित की जोड़ी भी अपने मतभेद भूलकर एक साथ आयें जल्द ही...


एक दौर समाप्त

भारतीय फ़िल्म जगत के मशहूर निर्माता-निर्देशक बीआर चोपड़ा का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। फिल्मी दुनिया को 'नया दौर' देने वाले बलदेव राज चोपड़ा का जन्म 22 अप्रैल 1914 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। ‘दादा साहब फाल्के’ पुरस्कार से सम्मानित चोपड़ा ने धूल का फूल’, ‘वक़्त’, ‘नया दौर’, ‘क़ानून’, ‘हमराज’, ‘इंसाफ़ का तराज़ू’ और ‘निकाह’ जैसी कई सफल फ़िल्में बनाई। 'आवाज़' की विनम्र श्रद्धाँजलि!!


पं॰ भीमसेन जोशी को दिया जायेगा भारत-रत्न

सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी को सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने का फ़ैसला किया है. किराना घराने के ८६ वर्षीय भीमसेन ने महज़ १९ वर्ष की उम्र से गाना शुरू किया था। कर्नाटक के गडक ज़िले के एक छोटे से शहर में वर्ष १९२२ में जन्मे और मुख्य रूप से खयाल शैली और भजन के लिए मशहूर पंडित जोशी को वर्ष १९९९ में पद्मबिभूषण, १९८५ में पद्मभूषण और १९७२ में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

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अच्छा प्रयोग है, जारी रखें.

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