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गीत अतीत 10 || हर गीत की एक कहानी होती है || आ गया हीरो || आ गया हीरो || आर्घ्या बैनर्जी

Geet Ateet 10

Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Aa Gaya Hero
Aa Gaya Hero
Arghya Banerjee - Composer & Singer

गोविंदा की ताज़ातरीन फिल्म "आ गया हीरो" के शीर्षक गीत की चर्चा आज गीत अतीत में, अराफात महमूद के लिखे और अर्घ्य बैनर्जी के गाये इस गीत के संगीतकार भी खुद अर्घ्य ही हैं, सुनिए अर्घ्य बैनर्जी से इस गीत से जुडी कुछ दिलचस्प बातें, प्ले पर क्लिक करें और आनंद लें.....



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सुनिए इन गीतों की कहानियां भी -

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भला हुआ मेरी मटकी फूटी.. ज़िन्दगी से छूटने की ख़ुशी मना रहे हैं कबीर... साथ हैं गुलज़ार और आबिदा

महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

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