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Ek Mulakaat Zaroori Hai - Season 01- 50 Episodes

Show Name 
Ek Mulakaat Zaroori Hai 

Total Episodes 50
Season 01 
Host - Sajeev Sarathie 


रितु पाठक 
श्रीराम अय्यर 
पंकज सुबीर 
रशीद खान 
दिग्विजय सिंह परियार 
राकेश चतुर्वेदी ओम
अनवर सागर
संजीवन लाल
कुणाल वर्मा
आदित्य शर्मा
निखिल कामथ
मंजीरा गांगुली
रितेश शाह
वरदान सिंह
यतीन्द्र मिश्र
विपिन पटवा
श्रेया शालीन
साकेत सिंह
विजय अकेला
अज़ीम शिराज़ी
संजोय चौधरी
अरविन्द तिवारी
भारती विश्वनाथन
अविषेक मजुमदर
शुभा मुदगल
अल्ताफ सय्यद
अभिजित घोषाल
साशा तिरुपति
मोनीश रजा
अमित खन्ना (पार्ट ०१)
अमित खन्ना (पार्ट २)
श्रध्दा भिलावे
सलीम दीवान
सिद्धार्थ बसरूर
बबली हक
आश्विन भंडारे 
आर्व
रोहित शर्मा
अमानो मनीष
मनोज यादव
इब्राहीम अश्क
हेमा सरदेसाई
बिस्वजीत भट्टाचार्जी (बिबो)
हर्षवर्धन ओझा
रफीक शेख
अनुराग गोडबोले
रत्न नौटियाल
डाक्टर सागर

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महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

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