मंगलवार, 31 मार्च 2015

गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अनुराग शर्मा की लघुकथा "व्यवस्था" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

बोलती कहानियाँ के पाठकों के लिए गिरिजेश राव का नाम नया नहीं है। उनकी कुछ अन्य रोचक कथाओं कों यहाँ सुना जा सकता है। इस कहानी मुक्तिका कुल प्रसारण समय 2 मिनट 7 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


प्रतिमाओं को गढ़ा जाता है उस अनुभव को मूर्त करने के लिये, मूर्ति इसीलिये कहते हैं। सूक्ष्म स्तर तक सभी नहीं जा सकते इसलिये स्थूल विग्रह का आधार दिया जाता है कि उसी बहाने जीवन सत्त्व से कुछ जुड़ाव बना रहे।
 ~ गिरिजेश राव "सनातन कालयात्री"

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"प्रात और साँझ की तरह, ऋतुओं की तरह, सृष्टि के लयबद्ध नृत्य की तरह, उपद्रवों में संतुलन की तरह, युद्ध के पश्चात शांति और शांति के पश्चात क्षरण की तरह।”
 (गिरिजेश राव की लघुकथा "मुक्ति" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
मुक्ति MP3

#Sixth Story, Vyavastha; Girijesh Rao; Hindi Audio Book/2015/06. Voice: Anurag Sharma

3 टिप्‍पणियां:

Anita ने कहा…

कहानी अच्छी लगी...बहुत

गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा…

लघुकथा अच्छी है .आपकी आवाज और कथन शैली भी किसी स्तर पर कम नहीं .अच्छा लगा सुनकर .

Smart Indian ने कहा…

गिरिजा जी,अनीता जी, आप दोनों का आभार।

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