शुक्रवार, 8 नवंबर 2013

'चिंगम' चबा के आया गोरी तेरे प्यार में

संगीतकार जोड़ी विशाल शेखर का अपना एक मुक्तलिफ़ अंदाज़ है. उनके गीतों में नयापन भी होता है और अपने ही किस्म की शोखी भी. अनजाना अनजानी, आई हेट लव स्टोरी और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के संगीत में हमें यही खूबी बखूबी नज़र आई थी. इस साल आई चेन्नई एक्सप्रेस में उनके गीत बेशक से कामियाब रहे पर उन्हें हम विशाल शेखर के खास अंदाज़ से नहीं जोड़ सकते. इसी कमी को पूरा करने के लिए ये जोड़ी लौटी है अपनी नई एल्बम गोरी तेरे प्यार में के साथ. आईये देखें क्या क्या लाये हैं विशाल शेखर अपने संगीत पिटारे में इस बार. 

आइटम रानी ममता शर्मा और मिका सिंह की जोशीली आवाज़ में आया है पहला गीत टून।  रिदम ऐसी है जो क़दमों को थिरकने पर मजबूर कर दे. ममता और मिका की आवाजों में पर्याप्त मस्ती और जोश है. निश्चित ही विशाल शेखर का निराला रूप जमकर बिखरा है इस शादी गीत में. 

अदिति सिंह शर्मा और सनम पुरी है मायिक के पीछे, पार्टी गीत धत तेरे की में. शब्द कुछ आपत्तिजनक अवश्य हैं और गीत की मस्ती और रिदम जबरदस्त है. पार्टी का मूड हो, मन और तेवर कुछ बागी से हों तो ये नया गीत लगाएं और जम कर नाचिये. एक और विशाल शेखर ट्रेड मार्क गीत. 

चिंगम गीत एल्बम का सबसे सधा हुआ गीत है जिसमें शंकर महादेवन की चटपटी आवाज़ को बहुत अच्छे से टक्कर दी है श्यामली खोलगडे ने. गीत का आरंभ जिस पीस से होता है उसी से खत्म भी होता है, ये बहुत ही बढ़िया पीस है, गीत का संयोजन भी एल्बम के अन्य गीतों से बेहतर है. जल्दी ही ये गीत श्रोताओं की जुबाँ पे चढा होगा इसमें कोई शक नहीं. 

कमाल खान और नीति मोहन की सुरीली आवाजों में तेरे नैना गीत बढ़िया है पर कुछ नया पेश नहीं करता। राहत मार्का इस सूफी गीत को कमाल ने बेशक बहुत बढ़िया निभाया है. नीति बहुत बाद में गीत का हिस्सा बनती है, पर इस गीत को कमाल का ही कमाल माना जाना चाहिए।

श्रुति पाठक और नितीश कदम का गाया दिल डफ्फर एक बार फिर विशाल शेखर के चिर परिचित अंदाज़ का गीत  है जहाँ नितीश की दबी आवाज़ पर श्रुति की मिठास भरी खुली खुली आवाज़ का विरोधाभास खूब जचता है. गीत का संयोजन सरल और मनभावन है. एल्बम के ने गीतों की तुलना में इस गीत के शब्द बेहतर हैं. 

एक बेहद अलग अंदाज़ का गुज्जू गीत है मोटो घोटालो, जहाँ शब्द चटपटे हैं और धुन नटखटी है. सुखविंदर की आवाज़ गीत की जान है. गुजराती शब्द का तडका बेहद सुहाता है. एल्बम में विशाल शेखर की हर एल्बम की तरह एक मेशअप भी है जो ठीक ठाक है पर उतना बढ़िया नहीं है जितना स्टूडेंट ऑफ द ईयर का था. बहरहाल एक बार फिर विशाल शेखर ने अच्छी वापसी की है. अन्विता गुप्तन, कौसर मुनीर, और कुमार के शब्द कुछ अनूठे न सही पर शायद फिल्म की कहानी की जरुरत अनुरूप हैं. 

एल्बम के बेहतरीन गीत - चिंगम, धत तेरे की, दिल डफ्फर
हमारी रेटिंग - ४/५         
      

1 टिप्पणी:

PBCHATURVEDI प्रसन्नवदन चतुर्वेदी ने कहा…

लाजवाब प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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