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काव्य तरंग // उषा छाबड़ा // ओपन माइक - नदिया चले, चले रे धारा....

  काव्य तरंग 

रेडियो प्लेबैक इंडिया की प्रस्तुति ' नदिया चले, चले रे धारा.... '

काव्य तरंग के दूसरे सीजन की थीम है 'नदी'। इस महीने में आप अलग अलग आवाज़ों में नदी पर आधारित कविताओं का आनंद  उठा सकेंगे।








नदी पहाड़ों से चलती हुई, अपनी राह स्वयं बनाती बढ़ती जाती है आगे... और आगे... आइए उसके सफ़र के बारे में उसी के यात्रा सुना रही हैं उषा छाबड़ा जी। 

आवाज़, कविता तथा आलेख - उषा छाबड़ा 
तकनीकी सहायता  - अमित तिवारी 
आर्ट वर्क - मनुज मेहता, अमित तिवारी

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