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सलिल वर्मा की लघुकथा "बेटी पढ़ाओ"

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में काजल कुमार की लघुकथा "आढ़तिया" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सलिल वर्मा के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित लघुकथा बेटी पढ़ाओ, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी बेटी पढ़ाओ का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 52 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

ज़मीन से जुड़े कवि, कथाकार और व्यंग्यकार सलिल वर्मा एक राष्ट्रीयकृत बैंक में उच्चाधिकारी हैं। वे आजकल भावनगर, गुजरात में रहते हैं। आप उनसे उनके हिन्दी ब्लॉग "चला बिहारी ब्लॉगर बनने" पर मिल सकते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"मैंने रुक कर ग़ौर से देखा, तो एक कमाल का नज़ारा दिखाई दिया।”
 (सलिल वर्मा की लघुकथा "बेटी पढ़ाओ" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बेटी पढ़ाओ MP3

#Twenty Third Story, Beti Padhao; Salil Varma; Hindi Audio Book/2015/23. Voice: Anurag Sharma

Comments

Jay dev said…
बहुत खूब
Usha Chhabra said…
बहुत सुंदर

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