Tuesday, December 3, 2013

आधुनिकता और पारंपरिक अंदाज़ का मधुर मिश्रण है विशाल की संगीत दुनिया

पंचम दा के बाद अगर गुलज़ार साहब के शब्दों का मर्म कोई समझ पाया है तो वो हैं संगीतकार विशाल भारद्वाज. विशाल मौसिकी तक ही सीमित नहीं हैं, वो एक बहतरीन लेखक, स्क्रीन लेखक, और निर्देशक भी हैं. आज हमारे पॉडकास्टर सुनील चिप्दे के साथ आईये हमसफ़र बनें विशाल के अब तक के संगीत सफर की.  

स्वर : सुनील चिप्डे 

प्रस्तुति : संज्ञा टंडन 


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