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गीत अतीत 02 || हर गीत की एक कहानी होती है || मैनरलेस मजनूँ || रंनिंग शादी डॉट कॉम || सुकन्या पुरकायस्थ


Geet Ateet 02
Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Mannerless Majnu
Sukanya Purkayastha- Singer

आज सुनिए फिल्म रंनिंग शादी डॉट कॉम के गीत मैनर -लेस मजनूँ के बनने की कहानी, गीत की गायिका सुकन्या पुरकायस्थ की जुबानी. गीत के बोल लिखे हैं मनोज यादव ने, और धुन के ढाला है अभिषेक अक्षय ने. छेड़ छाड़ और मस्ती से भरपूर इस गीत का आनंद लें, सुरीली सुकन्या के साथ आज के एपिसोड में, प्ले का बट्टन दबाएँ और आनंन्द लें... 



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सुनिए इन गीतों की कहानियां भी -
ओ रे रंगरेज़ा (जॉली एल एल बी)

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भला हुआ मेरी मटकी फूटी.. ज़िन्दगी से छूटने की ख़ुशी मना रहे हैं कबीर... साथ हैं गुलज़ार और आबिदा

महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

‘बरसन लागी बदरिया रूमझूम के...’ : SWARGOSHTHI – 180 : KAJARI

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