Showing posts with label Shobha Mahendru. Show all posts
Showing posts with label Shobha Mahendru. Show all posts

Saturday, April 25, 2009

सुनो कहानी: प्रेमचंद की 'आत्म-संगीत'

उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'आत्म-संगीत'

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने शन्नो अग्रवाल की आवाज़ में मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'स्‍वामिनी' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रेमचंद की अमर कहानी आत्म-संगीत, जिसको स्वर दिया है शोभा महेन्द्रू और अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 9 मिनट और 50 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए प्रेमचंद की एक नयी कहानी

रानी का हृदय उछलने लगा। आह ! कितना मनोमुग्धकर राग था ! उसने अधीर होकर कहा—मॉँझी, अब देर न कर, नाव खोल, मैं एक क्षण भी धीरज नहीं रख सकती।
(प्रेमचंद की 'आत्म-संगीत' से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis

आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

कल रविवार (२६ अप्रैल २००९) का आकर्षण - पॉडकास्ट कवि सम्मलेन

#Eightenth Story, Atma-sangeet: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2009/13. Voice: Shobha Mahendru, Anurag Sharma

Saturday, March 14, 2009

अपने हाथों कीजिए कहानी-संग्रह 'डर' (नवलेखन पुरस्कार से सम्मानित) का विमोचन

जैसाकि आपने १२ मार्च को ख़बरों में पढ़ा था कि १४ मार्च २००९ को सुबह ११ बजे हिन्दी भवन, आईटीवो, नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हाथों १३ नई साहित्यिक कृतियों का विमोचन होगा। इन १३ पुस्तकों में हिन्द-युग्म के कहानीकार विमल चंद्र पाण्डेय का प्रथम कहानी-संग्रह 'डर' भी शामिल है। उल्लेखनीय है भारत की सर्वोच्च साहित्यिक संस्था भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा हर वर्ष दो लेखकों की कृतियों (एक गद्य तथा दूसरा पद्य में) को नवलेखन पुरस्कार दिया जाता है, जिसमें रु २५,००० ना नग़द इनाम और उस संग्रह का प्रकाशन शामिल है। वर्ष २००८ के गद्य का नवलेखन पुरस्कार विमल चंद्र पाण्डेय को उनके पहले कहानी-संग्रह 'डर' के लिए दिया गया है।

आज सुबह ११ बजे इस पुस्तक का विमोचन भी होगा, इसी कार्यक्रम में विमल चंद्र पाण्डेय का कथापाठ भी होगा। अभी कुछ महीने पहले से हमने राकेश खण्डेलवाल के पहले कविता (गीत)-संग्रह 'अंधेरी रात का सूरज' का पॉडकास्ट और ऑनलाइन विमोचन कर हिन्दी पुस्तकों के विमोचन करने की परम्परा को नया रूप दिया है। अनुराग शर्मा तथा अन्य ५ कवियों के पहले कविता-संग्रह 'पतझड़ सावन बसंत बहार' की कविताओं को रचनाकार की ही आवाज़ में रिकॉर्ड कर पॉडकास्ट कवि सम्मेलन में जोड़कर विमोचन को और व्यापक किया था। हमारे ऑनलाइन विमोचन की ख़ास बात यह है कि इसमें हर पाठक व श्रोता अपने हाथों पुस्तक का विमोचन करता है, माउस रूपी कैंची से ग्राफिक्स रूपी फीते को काटकर।

आज हम इस कड़ी में एक और नया पृष्ठ जोड़ रहे हैं, जिसके तहत विमल चंद्र पाण्डेय के प्रथम कथा-संग्रह 'डर' का ऑनलाइन व पॉडकास्ट विमोचन आपके हाथों करवा रहे हैं। नीचे के ग्राफिक्स से आप सारी बात समझ जायेंगे।

'डर' कहानी-संग्रह की सभी कहानियाँ पढ़ने के लिए यहाँ जायें।

हम इस विमोचन में संग्रह की रचना/रचनाओं का पॉडकास्ट भी प्रसारित करते हैं। 'डर' कहानी-संग्रह से सुनिए कहानी 'स्वेटर' का पॉडकास्ट। कहानी में आवाज़ें हैं शोभा महेन्द्रू और शिवानी सिंह की। कहानी को आप यहाँ पढ़ भी सकते हैं।

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)




यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

VBR MP3 64Kbps MP3 Ogg Vorbis


आज हिन्द-युग्म के शैलेश भारतवासी विमोचन को रिकॉर्ड करने की भी कोशिश करेंगे। जिसमें विमल चंद्र पाण्डेय का कथापाठ भी होगा।

आपको याद दिला दें कि इन तेरह किताबों में हिन्द-युग्म के यूनिग़ज़लप्रशिक्षक पंकज सुबीर के पहले कहानी-संग्रह 'ईस्ट इंडिया कम्पनी' का विमोचन भी शामिल हैं। इस कहानी-संग्रह का विमोचन करने के लिए तथा अनुराग शर्मा की आवाज़ में इस कहानी-संग्रह की शीर्षक कहानी का कथापाठ सुनने के लिए यहाँ जायें।।



Wednesday, February 4, 2009

सुनिए मन्ना डे की आवाज़ में मधुशाला के गीत

पिछले दिनों हमने आवाज़ पर मन्ना डे का जिक्र किया था,हमारे कुछ श्रोताओं ने फरमाईश की,कि हम उन्हें मन्ना डे की आवाज़ में प्रस्तुत हरिवंश राय बच्चन रचित मधुशाला की रिकॉर्डिंग सुनवाएं. ये भी एक संयोग ही है कि अभी कुछ दिन पहले ही बच्चन जी पुण्यतिथि पर हमने उनकी एक कविता "क्या भूलों क्या याद करूँ ..." का स्वरबद्ध रूप भी सुनवाया था. तो आज आनंद लीजिये मन्ना डे की गहरी डूबती आवाज़ में मधुशाला के रंगों का.



प्रस्तुति सहयोग - विश्व दीपक "तन्हा"



Wednesday, December 24, 2008

सुनिए श्रीलाल शुक्ल की व्यंग्य कहानी 'काश'

श्रीलाल शुक्ल के एक व्यंग्य 'काश' का प्रसारण

'सुनो कहानी' के अंतर्गत आज हम आपके लिए लेकर आए हैं श्रीलाल शुक्ल का एक व्यंग्य काश। इस व्यंग्य में प्रशासनिक कार्य व्यवस्था पर प्रहार करते हुए आकस्मिक दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति का बड़ा सजीव चित्रण किया गया है जो आपको हंसाता भी है और सताता भी है। आईये सुनें  "काश", जिसको स्वर दिया है शोभा महेन्द्रू ने। शोभा जी का नाम आवाज़ के श्रोताओं के लिए नया नहीं है। उनकी रचनाएं हमें हिंद-युग्म पर पढने को और पॉडकास्ट कवि सम्मलेन में सुनने को मिलती रही हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर हमने प्रेमचंद की कहानी प्रेरणा को शोभा जी के स्वर में प्रस्तुत किया था। इसके अलावा शोभा जी की आवाज़ को विमल चंद्र पाण्डेय की कहानी 'स्वेटर' के नाट्य रूपांतर में और मन्नू भंडारी की कहानी अकेली में भी बहुत पसंद किया गया था. सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

नीचे के प्लेयर से सुनें:
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)



आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।


आवाज़ पर आगामी आकर्षण:
शनिवार, दिनांक २७ दिसम्बर २००८: प्रेमचंद की अमर कहानी "मन्त्र"
रविवार, दिनांक २८ दिसम्बर २००८: पॉडकास्ट कवि सम्मेलन

#Suno Kahani, Story, Kaash: Shreelal Shukla/Hindi Audio Book. Voice: Shobha Mahendru

Wednesday, December 17, 2008

हम भूल न जाए उनको, इसलिए कही ये कहानी...

आईये नमन करें उन शहीदों को जो क्रूर आतंकवादियों का सामना करते हुए शहीद हो गए


२६ नवम्बर की वह रात कितनी भयावह थी, जब चारों ओर आग बरस रही थी और सम्पूर्ण भारतीय आतंकित और भयभीत था। एक पिता के कानों में पुत्र की करूण पुकार गूँज रही थी और अपने लाल को बचाने के लिए वह दीवार पर सिर पटक रहा था, प्रशासन के सामने गिड़गिड़ा रहा था। कितनी ही माताएँ अपनी गोद उजड़ने का दृश्य अपनी आँखों से देख रही थी। देश-विदेश के अतिथि किंकर्तव्य विमूढ़ थे। । सबकी साँसें रूकी हुई थी। पल-पल की खबर सबकी धड़कनों को तीव्र कर रही थी। आतंकवादियों ने हमारे स्वाभिमान को ठेस लगाई। मानवता पर कलंक लगाया। कुछ लोगों के कुकृत्यों एवं हिंसक योजनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। वीरों की संतान कहलाने वाले हम सब कितने असहाय,कितने कमजोर और कितने असावधान थे। अपनी सुरक्षा व्यवस्था के सुराग बहुत स्पष्ट दिखाई दिए। देश के नागरिकों ने अपने दायित्वों को भी जाना ।

सुरक्षा बल अपनी सम्पूर्ण लगाकर भी इसे रोक पाने में असमर्थ था। ऐसे में देश के बलिदानी निकल पड़े जान हथेली पर लेकर। उनकी आँखों में बस एक ही सपना था। देश की सुरक्षा का । उन्होंने माता की आँखों के आँसुओं को पोंछा और उसे अभय प्रदान किया। आतंक का सामना किया । आग उगलती गोलियों की वर्षा उनका मार्ग अवरूद्ध ना कर सकी। उस समय सुरक्षा बल के कमांडो भगवान बन गए। प्रत्यक देशवासी बहुत आशापूर्ण दृष्टि से उन्हें निहार रहा था उस पल यदि वो जा भी चूक जाते तो आतंक का राक्षस विजयी हो जाता। धन्य है उनकी शक्ति और उनका बलिदान। इस पुन्य कार्य को करते हुए उन्हें अपनी जान भी गँवानी पड़ी। उनका परिवार सारा देश बन गया। उनके बलिदान पर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा हो गया। तुमने देखा होगा आकाश से कि सम्पूर्ण भारत मुक्त कंठ से उन्हें दुआएँ दे रहा था । उनपर पुष्प वर्षा कर रहा था। वो मरे नहीं अमर हो गए। हर भारतीय के दिल में हमेशा-हमेशा रहेंगें। उन्होने भारत के उस स्वरूप का दर्शन करा दिया जो विश्व के लिए वन्दनीय है। तुमने आज भारत की ही नहीं विश्व की भी आँखें नम कर दी तथा सभी को कर्तव्य उन्मुख बना दिया। तुम्हारा बलिदान प्रत्येक भारतीय के दिल को दहला गया। तुम्हारा बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उसने हम सब के हृदयों में राष्ट्रीयता की एक तीव्र लहर का संचार किया, बिखरे देश को एकता के सूत्र में बाँध दिया तथा मदहोशी की नींद में सोए भारतीयों को होश में ला दिया। हर भारतीय आँखों में आँसू और दिल में नूतन संकल्प लिए तुम्हारे सामने नत पूरे भारत ने मोमबत्तियाँ जलाकर तुम्हारे प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं। हम हिन्दुस्तानी कोमल हृदय हैं, तुम्हारे बलिदान ने हमारे दिलों को द्रवित कर दिया है। मेरे देश के शहीद वीरों! हमारे श्रद्धा सुमन स्वीकार करो।


(यह विशेष कार्यक्रम NDTV पर प्रसारित हुआ था)

प्रस्तुति- शोभा महेन्द्रू

Wednesday, October 15, 2008

सुनो कहानी: अकेली - मन्नू भंडारी की कहानी

मन्नू भंडारी की एक सुंदर कहानी-अकेली का प्रसारण

'सुनो कहानी' के अंतर्गत आज हम आपके लिए लेकर आए  हैं मन्नू भंडारी जी की एक सुंदर कहानी-अकेली. इस कहानी में सोमा नाम की एक प्रौढ़ महिला की व्यथा का वर्णन है. सोमा अकेली थी इसी कारण अपने आस पास के लोगों के सुख दुःख में बिना बुलाये जाती और उन सबकी खुशी में अपनी खुशी ढूंढ रही थी किंतु स्वार्थी लोगों और सम्बन्धियों के व्यवहार से टूट जाती है. आईये सुनें  "अकेली", जिसको स्वर दिया है शोभा महेन्द्रू ने। शोभा जी का नाम आवाज़ के श्रोताओं के लिए नया नहीं है. उनकी रचनाएं हमें हिंद-युग्म पर पढने को और पॉडकास्ट कवि सम्मलेन में सुनने को मिलती रही हैं. शिक्षक दिवस के अवसर पर हमने प्रेमचंद की कहानी प्रेरणा को शोभा जी के स्वर में प्रस्तुत किया था. इसके अलावा शोभा जी की आवाज़ को विमल चंद्र पाण्डेय की कहानी 'स्वेटर' के नाट्य रूपांतर में भी बहुत पसंद किया गया था. सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

नीचे के प्लेयर से सुनें.

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)



यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)


VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#Suno Kahani, Story, Akeli Si: Mannu Bhandari/Hindi Audio Book. Voice: Shobha Mahendru

Sunday, September 28, 2008

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का तीसरा अंक

कविता वाचन की इंटरनेटीय परम्परा

Doctor Mridul Kirt - image courtesy: www.mridulkirti.com
डॉक्टर मृदुल कीर्ति
इंतज़ार की घडियां ख़त्म हुईं। लीजिये आपके सेवा में प्रस्तुत है सितम्बर २००८ का पॉडकास्ट कवि सम्मलेन। पिछली बार की तरह ही इस बार भी इस ऑनलाइन आयोजन का संयोजन किया है हैरिसबर्ग, अमेरिका से डॉक्टर मृदुल कीर्ति जी ने।

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन भौगौलिक दूरियाँ कम करने का माध्यम है और इसमें भारत व अमेरिका के कवियों ने भाग लिया है। इस बार के पॉडकास्ट कवि सम्मेलन ने पोंडिचेरी से स्वर्ण-ज्योति, फ़रीदाबाद से शोभा महेन्द्रू, दिल्ली से मनुज मेहता, ग़ाज़ियाबाद से कमलप्रीत सिंह, अशोकनगर (म॰प्र॰) से प्रदीप मानोरिया, रोहतक से डॉक्टर श्यामसखा "श्याम", भारत से विवेक मिश्र, पिट्सबर्ग (अमेरिका) से अनुराग शर्मा, तथा हैरिसबर्ग  (अमेरिका) से डॉक्टर मृदुल कीर्ति को युग्मित किया है।

पिछले सम्मलेन की सफलता के बाद हमने आपकी बढ़ी हुई अपेक्षाओं को ध्यान में रखा है. हमें आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि इस बार का सम्मलेन आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा और आपका सहयोग हमें इसी जोरशोर से मिलता रहेगा।

नीचे के प्लेयरों से सुनें।

(ब्रॉडबैंड वाले यह प्लेयर चलायें)


(डायल-अप वाले यह प्लेयर चलायें)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)


VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


हम सभी कवियों से यह गुज़ारिश करते हैं कि अपनी आवाज़ में अपनी कविता/कविताएँ रिकॉर्ड करके podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। आपकी ऑनलाइन न रहने की स्थिति में भी हम आपकी आवाज़ का समुचित इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे। (अक्टूबर अंक के लिए रिकॉर्डिंग भेजने की आखिरी तिथि है १९ अक्टूबर २००८। )

रिकॉर्डिंग करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। हिन्द-युग्म के नियंत्रक शैलेश भारतवासी ने इसी बावत एक पोस्ट लिखी है, उसकी मदद से आप रिकॉर्डिंग सीख जायेंगे। अधिक जानकारी के लिए कृपया   यहाँ देखें।

# Podcast Kavi Sammelan. Part 3. Month: Sept 2008.

Wednesday, September 24, 2008

सुनिए 'मुगलों ने सल्तनत बख़्श दी'

भगवती चरण वर्मा की प्रसिद्ध कहानी का पॉडकास्ट

आज हम लेकर आए हैं भगवती चरण वर्मा जी की एक सुंदर कहानी 'मुग़लों ने सल्तनत बख़्श दी'। यह एक व्यंग्य
हैं, जिसमें लेखक ने अंग्रेजों द्वारा भारत पर धीरे -धीरे कब्जा कर लेने की घटना को बड़े ही रोचक रूप मैं प्रस्तुत किया है। इसमें तत्कालीन मुग़ल साम्राज्य मैं व्याप्त राग, रंग और अकर्मण्यता पर करारी चोट की है। सुनिए शोभा महेन्द्रू की आवाज़ में, और आनंद लीजिये इस व्यंग्य कथा का जिसको सुना रहे हैं इस कथा के मुख्य पात्र हीरो जी।

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)



यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


आज भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#First Story, : Mughalon Ne Saltanat Bakhsh Dee, Bhagvati Charan Varma/Hindi Audio Book/2008/07. Voice: Shobha Mahendru

Thursday, September 4, 2008

सुनो कहानीः शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रेमचंद की कहानी 'प्रेरणा'

सुनो कहानीः शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रेमचंद की कहानी 'प्रेरणा' का पॉडकास्ट

गुरु गोबिंद दोउ खड़े काके लागूँ पाऊँ,
बलिहारी गुरु आपने गोबिंद दियो बताय

संत कबीर के उपरोक्त शब्दों से भारतीय संस्कृति में गुरु के उच्च स्थान की झलक मिलती है। प्राचीन काल से ही भारतीय बच्चे "आचार्य देवो भवः" का बोध-वाक्य सुन-सुन कर ही बड़े होते हैं। माता पिता के नाम के कुल की व्यवस्था तो सारे विश्व के मातृ या पितृ सत्तात्मक समाजों में चलती है परन्तु गुरुकुल का विधान भारतीय संस्कृति की अनूठी विशेषता है।

आइये इस शिक्षक दिवस पर अपने पथ-प्रदर्शक शिक्षकों, अध्यापकों, आचार्यों और गुरुओं को याद करके उनको नमन करें। शिक्षक दिवस के इस शुभ अवसर पर उन शिक्षकों को हिंद-युग्म का शत शत प्रणाम जिनकी प्रेरणा और प्रयत्नों की वजह से आज हम इस योग्य हुए कि मनुष्य बनने का प्रयास कर सकें।

आवाज़ की ओर से आपकी सेवा में प्रस्तुत है एक शिक्षक और एक छात्र के जटिल सम्बन्ध के विषय में मुंशी प्रेमचंद की मार्मिक कहानी "प्रेरणा"। इस कहानी को स्वर दिया है शोभा महेन्द्रू, शिवानी सिंह एवं अनुराग शर्मा ने।

सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

नीचे के प्लेयर से सुनें।(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)(Broadband कनैक्शन वालों के लिए)




(Dial-Up कनैक्शन वालों के लिए)





यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दी गयी कड़ियों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)





VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


आज भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#Third Story, Prerana: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2008/4. Voice: Shobha Mahendru, Shivani Singh, Anuraag Sharma

Sunday, August 31, 2008

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का दूसरा अंक

पॉडकास्ट के माध्यम से काव्य-पाठों का युग्मन


मृदुल कीर्ति
लीजिए हम एक बार पुनः हाज़िर हैं पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का नया अंक लेकर। पॉडकास्ट कवि सम्मेलन भौगौलिक दूरियाँ कम करने का माध्यम है। पिछले महीने शुरू हुए इस आयोजन को मिली कामयाबी ने हमें दूसरी बार करने का दमखम दिया। पिछली बार के संचालन से हमारी एक श्रोता मृदुल कीर्ति बिल्कुल संतुष्ट नहीं थीं, उन्होंने हमसे संचालन करने का अवसर माँगा, हमने खुशी-खुशी उन्हें यह कार्य सौंपा और जो उत्पाद निकलकर आया, वो आपके सामने हैं। इस बार के पॉडकास्ट कवि सम्मेलन ने ग़ाज़ियाबाद से कमलप्रीत सिंह, धनवाद से पारूल, फ़रीदाबाद से शोभा महेन्द्रू, पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा, म॰प्र॰ से प्रदीप मानोरिया, पुणे से पीयूष के मिश्रा तथा अमेरिका से ही मृदुल कीर्ति को युग्मित किया है। इनके अतिरिक्त शिवानी सिंह और नीरा राजपाल की भी रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई लेकिन एम्पलीफिकेशन के बावज़ूद स्वर बहुत धीमा रहा, इसलिए हम इन्हें शामिल न कर सके, जिसका हमें दुःख है।

नीचे के प्लेयरों से सुनें।

(ब्रॉडबैंड वाले यह प्लेयर चलायें)


(डायल-अप वाले यह प्लेयर चलायें)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


हम सभी कवियों से यह गुज़ारिश करते हैं कि अपनी आवाज़ में अपनी कविता/कविताएँ रिकॉर्ड करके podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। आपकी ऑनलाइन न रहने की स्थिति में भी हम आपकी आवाज़ का समुचित इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे।

# Podcast Kavi Sammelan. Part 2. Month: Aug 2008.

Sunday, August 24, 2008

नवलेखन पुरस्कार कहानी 'स्वेटर' का पॉडकास्ट

ऑनलाइन अभिनय द्वारा सजी कहानी 'स्वेटर' का प्रसारण

आज से लगभग १५ दिन पहले हमने श्रोताओं को विमल चंद्र पाण्डेय की कहानी 'स्वेटर' में ऑनलाइन अभिनय करने का मौका दिया था। हमें ४ लोगों (नीलम मिश्रा, अभिनव वाजपेयी, शिवानी सिंह और शोभा महेन्द्रू) से रिकर्डिंग प्राप्त हुई। हमारी टीम ने सभी की रिकॉर्डिंग की समीक्षा की और निर्णय लिया कि शोभा महेन्द्रू और शिवानी सिंह की आवाज़ों को मिक्स करके 'स्वेटर' का पॉडकास्ट बनाना उचित होगा। तो उसी पॉडकास्ट के साथ आपके समक्ष उपस्थित हैं। गौरतलब है कि विमल की यह कहानी इस बार के नवलेखन पुरस्कार द्वारा पुरस्कृत कथा-संग्रह 'डर' का हिस्सा है। सभी प्रतिभागियों का बहुत-बहुत शुक्रिया।

अब हम इस ऑनलाइन प्रयास में कितने सफल हुए हैं, ये तो आप ही बतायेंगे।

कहानी- स्वेटर
कहानीकार- विमल चंद्र पाण्डेय
स्वर- शोभा महेन्द्रू एवं शिवानी सिंह

नीचे के प्लेयर से सुनें.

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

जिनके नेट की स्पीड 256kbps से ऊपर है, वे निम्न प्लेयर चलायें (ब्रॉडबैंड)





जिनके नेट की स्पीड 128kbps से ऊपर है, वे निम्न प्लेयर चलायें (ब्रॉडबैंड)





जिनके पास डायल-अप (Dial-up) कनैक्शन है, वे निम्न प्लेयर चलायें





यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)





VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


आज भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं, तो यहाँ देखें।

#Vocal Story with expressions, Sweator: Vimal Chandra Pandey/Hindi Audio Book/2008/02. Voice: Shobha Mahendru, Shivani Singh

Sunday, July 27, 2008

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का आमंत्रण अंक

दोस्तो,

जैसाकि हमने वादा किया था कि महीने के अंतिम रविवार को पॉडकास्ट सम्मेलन का प्रसारण करेंगे। इंटरनेट की गति हर एक प्रयोक्ता के पास अलग-अलग है, इसलिए हम एक समान गुणवत्ता नहीं तो रख पाये हैं, मगर फिर भी एक सम्मिलित प्रयास किया है। आशा है आप सभी को पसंद आयेगा।

नीचे के प्लेयर से सुनें।



प्रतिभागी कवि
रंजना भाटिया, दिव्य प्रकाश दुबे, मनुज मेहता, नरेश राणा, शोभा महेन्द्रू, शिवानी सिंह, अनिता कुमार, अभिषेक पाटनी
संचालक- हरिहर झा
उप-संचालक- शैलेश भारतवासी

हमें हरिहर झा, ब्रह्मनाथ त्रिपाठी अंजान और पीयूष पण्डया की भी रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई थी, लेकिन उन्हें आसानी से सुन पाना सम्भव नहीं था। इसलिए हम उनका इस्तेमाल नहीं कर सके।

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


हम सभी कवियों से यह गुज़ारिश करते हैं कि अपनी आवाज़ में अपनी कविता/कविताएँ रिकॉर्ड करके podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। आपकी ऑनलाइन न रहने की स्थिति में भी हम आपकी आवाज़ का समुचित इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे।

# Podcast Kavi Sammelan. Part 1. Month: July 2008.

Tuesday, January 15, 2008

कहानी 'एक और मुखौटा' का पॉडकास्ट

पिछले महीने हिन्द-युग्म ने कहानियों के पॉडकास्ट के प्रसारण की शुरूआत की थी। आज हम आपके समक्ष दूसरा पॉडकास्ट लेकर प्रस्तुत हैं। इस बार श्रीकांत मिश्र 'कांत', शोभा महेन्द्रू और श्वेता मिश्रा की टीम ने रंजना भाटिया की कहानी 'एक और मुखौटा' का पॉडकास्ट बनाया। अपने प्रयास में हिन्द-युग्म की यह टीम कितनी सफल रही है, ये तो आप श्रोता ही बतायेंगे।

नीचे के प्लेयर से सुनें और ज़रूर बतायें कि कैसा लगा?
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो यहाँ से डाउनलोड कर लें।

Wednesday, December 5, 2007

कहानी का प्रसारण

हिन्द-युग्म बहुत समय से ऐसा विचार कर रहा था कि कहानी-कलश का पॉडकास्ट करे साथ ही साथ महान कहानीकारों की कहानियों का पॉडकास्ट करे। हिन्द-युग्म के दमदार आवाज़ विकास कुमार ने महान कथाओं को पॉडकास्ट का काम 'सुनो कहानी' पर शुरू भी कर दिया है।

आज हम इसी दिशा में अगली कोशिश कहानी-कलश की कहानी का पॉडकास्ट प्रसारित करके कर रहे हैं। पहली कहानी है वरिष्ठ कथाकार सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'। जिसे आवाज़ दिया है श्रीकांत मिश्र 'कांत' और शोभा महेन्द्रू ने। मज़ेदार बात यह है हमने यह ऑडियो भी इंटरनेट के कमाल से बनाया है। जीटॉक पर ही पूरा अभिनय हुआ है। श्रीकांत मिश्र 'कांत' ने चंडीगढ़ से तो शोभा महेन्द्रू ने फ़रीदाबाद से अपनी आवाज़ दी है।

(परिचय स्वर- श्वेता मिश्र)

नीचे ले प्लेयर से सुनें और ज़रूर बतायें कि कैसा लगा?

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)



ज़रूर बतायें कि हमारा यह प्रयास कैसा लगा?

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ