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सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की लघुकथा 'दो घड़े'

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में उन्हीं की कहानी मैजस्टिक मूँछें का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं सूर्यकांत त्रिपाठी 'निरालाकी "दो घड़े", जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 11 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

निराला की कहानी दो-घड़े का गद्य हिंदी समय पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को स्वर देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का जन्म वसंत पंचमी, 1896 को मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) में हुआ था। उनका रचनाकर्म गीत, कविता, कहानी, उपन्यास, अनुवाद, निबंध आदि विधाओं में प्रकाशित हुआ। उनका देहांत 15 अक्टूबर 1961 को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ।

हर सप्ताह यहीं पर सुनिए एक नयी कहानी

"नदी में बाढ़ आ गई, बहाव में दोनों घड़े बहते चले।"
(सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की "दो घड़े" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
दो घड़े mp3

#Fifth Story: Do Ghade; Author: Suryakant Tripathi Nirala; Voice: Anurag Sharma; Hindi Audio Book/2018/5.

Comments

रेडियो प्लेबेक इण्डिया पर सुन रही हूँ 'दो घड़े' एक पीतल दूसरा मिट्टी का........ विपरीत प्रवृतियों के लोगों का साथ नुकसानदायक होता है. सही बात.
अनुराग भाई की आवाज़ सुनकर यूँ लग रहा है जैसे वो सामने बैठकर कहानी सुना रहे हों.
वाह!
Smart Indian said…
धन्यवाद इंदु जी!

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