Tuesday, September 24, 2019

ऑडियो: एक फ़ौजी की डायरी (गौतम राजऋषि)


लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में शरद जोशी लिखित व्यंग्य "आलोचना" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, प्रसिद्ध साहित्यकार और भारतीय सैन्य अधिकारी कर्नल गौतम राजऋषि की फ़ौजी की डायरी का एक अंश 'करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है', स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

राष्ट्रीय पहचान वाली पत्रिका कथादेश में प्रकाशित हो चुकी इस रचना का गद्य पाल ले इक रोग नादां पर उपलब्ध है। कुल प्रसारण समय 19 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



हवा जब किसी की कहानी कहे है
नये मौसमों की जुबानी कहे है
फ़साना लहर का जुड़ा है ज़मीं से
समुन्दर मगर आसमानी कहे है
~ गौतम राजऋषि

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"...और इन लम्बी-लम्बी रातों में आकार बदलते चाँद से ही गुफ्तगू होती है अक्सर! मगर ये कमीना चाँद इतनी जल्दी-जल्दी क्यों अमावस की तरफ भागता है?”
 (कर्नल गौतम राजऋषि की रचना "करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है MP3

#Twenty Third, Ek Fauji Ki Diary: Gautam Rajrishi/Hindi Audio Book/2019/23. Voice: Pooja Anil

1 comment:

संध्या शर्मा said...

ये आंखें, मज़बूत इरादों वाले हरी वर्दी वाले भारत माता के लाल की आँखें। ह्रदयस्पर्शी लेखन और बहुत प्यारी, स्पष्ट आवाज़... बधाई आप सभी को

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ