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शाहिद अजनबी की लघुकथा माँ तो सबकी एक-जैसी होती है

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में गिरिजेश राव की लघुकथा " मुक्ति " का वाचन सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं शाहिद मंसूर "अजनबी" की लघुकथा माँ तो सबकी एक-जैसी होती है , जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। इस कहानी का गद्य सुख़नफ़हम ब्लॉग पर पढ़ा जा सकता है। इस कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 15 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। लफ़्ज़ों को तोड़ता हूँ, रदीफ़-काफिया जोड़ता हूँ यूँ समझो दिल की उलझन को, काग़ज़ पे उतारता हूँ  ~  शाहिद मंसूर "अजनबी" हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "माँ का खत पढ़ने से

गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अनुराग शर्मा की लघुकथा " व्यवस्था " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति , जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। बोलती कहानियाँ के पाठकों के लिए गिरिजेश राव का नाम नया नहीं है। उनकी कुछ अन्य रोचक कथाओं कों यहाँ सुना जा सकता है। इस कहानी मुक्ति का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 7 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। प्रतिमाओं को गढ़ा जाता है उस अनुभव को मूर्त करने के लिये, मूर्ति इसीलिये कहते हैं। सूक्ष्म स्तर तक सभी नहीं जा सकते इसलिये स्थूल विग्रह का आधार दिया जाता है कि उसी बह

अनुराग शर्मा की लघुकथा व्यवस्था

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में दीपक मशाल की लघुकथा " परछाईं " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा लिखित लघुकथा व्यवस्था , जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। प्रस्तुत लघुकथा " व्यवस्था " का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर पढ़ा जा सकता है। इस कहानी का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 25 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। हर इक ईंट में बसी है एक याद मेरी ज़िंदगी गिरती दीवार सी है  ~ अनुराग शर्मा हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "... और पढने की मेज़? राम, राम! हर आकार के बीसियों कागज़ जिनपर तरह-तरह के

दीपक मशाल की लघुकथा परछाईं

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अनुराग शर्मा की ही लघुकथा " गुरु " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं विश्व हिन्दी सचिवालय द्वारा प्रथम स्थान से पुरस्कृत दीपक मशाल लिखित लघुकथा परछाईं , जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। प्रस्तुत लघुकथा "परछाईं" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 9 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। कुछ बड़े लोगों से मिला था कभी, तबसे कोई बड़ा नहीं लगता इतनी बौनी है दुनिया कि कोई, खड़ा हुआ भी खड़ा नहीं लगता  ~ दीपक मशाल हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "अजी अगर हर जिलाधिकारी आप जैसा हो तो

अनुराग शर्मा की लघुकथा गुरु का ऑडियो

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अनुराग शर्मा की प्रवासी कहानी " कंजूस मक्खीचूस " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की ही एक अन्य लघुकथा,  गुरु जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। प्रस्तुत लघुकथा "गुरु" का गद्य " बर्ग वार्ता ब्लॉग " पर उपलब्ध है। " गुरु " का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। प्रश्न कठिन हो जाते हैं, हर उत्तर पे इतराते हैं मैं चिंता में घुल जाता हूँ, चलूँ तो पथ डिग जाते हैं।  ~ अनुराग शर्मा हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कह

कंजूस मक्खीचूस - लघुकथा

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में घुघूती बासूती की मार्मिक कहानी " क्या अगले साल " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक लघुकथा कंजूस मक्खीचूस जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। प्रस्तुत कथा "कंजूस मक्खीचूस" का गद्य " बर्ग वार्ता ब्लॉग " पर उपलब्ध है। " कंजूस मक्खीचूस " का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 27 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। प्रश्न कठिन हो जाते हैं, हर उत्तर पे इतराते हैं मैं चिंता में घुल जाता हूँ, चलूँ तो पथ डिग जाते हैं।  ~ अनुराग शर्मा हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "दो मिनट की बातचीत में ही इतन

घुघूती बासूती की कहानी क्या अगले साल

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में वरुण कुमार जायसवाल की छोटी सी लेकिन मर्मस्पर्शी कथा " लाज " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं घुघूती बासूती की हृदयस्पर्शी संस्मरणात्मक कथा क्या अगले साल जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। " क्या अगले साल " का गद्य घुघूती बासूती ब्लॉग पर उपलब्ध है। उनका व्यंग्य "ओह" हम आपको पहले सुना चुके हैं। कहानी "क्या अगले साल" का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 39 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। संसार में कुछ अंतिम कुछ प्रथम नहीं होता। संसार एक तरह का मेरी गो राउंड

वरुण कुमार जायसवाल की कथा लाज

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में विनय के. जोशी की लघुकथा " ईमानदार " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं वरुण कुमार जायसवाल की छोटी सी लेकिन मर्मस्पर्शी कथा लाज जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "लाज" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 36 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। वर्तमान राजनीति में सबसे बड़ी कमी आदर्शवाद को व्यावहारिक पहलू में ढाल पाने की क्षमता का अभाव है। ~  वरुण कुमार जायसवाल हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "एक मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षक के लिए ये रकम बड़ी तो थी ही फिर भी

विनय के. जोशी की कथा ईमानदार

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में प्रसिद्ध साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की काव्यात्मक लघुकथा " कला " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं विनय के. जोशी की कथा ईमानदार जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "ईमानदार" का गद्य कथा कलश पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 46 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। श्रम मंत्रालय राजस्थान सरकार, भास्कर रचनापर्व, दैनिक भास्कर तथा जवाहर कला केन्द्र द्वारा पुरस्कृत लेखक विनय के. जोशी उदयपुर में रहते हैं। उनकी रचनायें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से छपती रही

बोलती कहानियाँ: जयशंकर प्रसाद की कला

जयशंकर प्रसाद की कहानी कला 'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट काजल कुमार की लघुकथा ' लोकतंतर ' का पॉडकास्ट सुना था। आज हम लेकर आये हैं महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कहानी " कला ", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 11 मिनट 15 सेकंड। इसी कहानी का एक अन्य ऑडियो संस्करण बोलती कहानियाँ के लिए अनुराग शर्मा के स्वर में भी उपलब्ध है । यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। झुक जाती है मन की डाली, अपनी फलभरता के डर में। ~ जयशंकर प्रसाद (30-1-1889 - 14-1-1937) हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी अब मैं घर जाऊंगी, अब मेरी शिक्षा समाप्त हो चुकी। ( जयशंकर प्रसाद की "कला" से

अनुराग शर्मा की लघुकथा खान फ़िनॉमिनन

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनूदित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने हिन्दी के प्राख्यात साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की मर्मस्पर्शी लघुकथा " खंडहर की लिपि " का पॉडकास्ट अर्चना चावजी के स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं अनुराग शर्मा की चुटीली लघुकथा " खान फ़िनॉमिनन ", लेखन और वाचन अनुराग शर्मा द्वारा। कहानी " खान फ़िनॉमिनन " का आलेख बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। इस प्रस्तुति का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। तानाशाहों की वैचारिकी उनके हथियारबंद गिरोहों द्वारा ज़बरदस्ती मनवा ली जाती है, विचारकों की तानाशाही को तो उनकी अपनी संतति भी घास नहीं डालती। ~ अनुराग शर्मा "बोलती कहानियाँ"

जयशंकर प्रसाद की लघुकथा खंडहर की लिपि

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनुवादित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने भावों के अनूठे चित्रकार गिरिजेश राव की मार्मिक लघुकथा " ... एक सुख ऐसा भी " का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा के स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं हिन्दी के प्राख्यात साहित्यकार जयशंकर प्रसाद  की मर्मस्पर्शी लघुकथा " खंडहर की लिपि ", वाचन अर्चना चावजी द्वारा। कहानी " खंडहर की लिपि " का आलेख प्रतिलिपि पर उपलब्ध है। इस प्रस्तुति का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 33 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। मिला कहाँ वह सुख जिसका मै स्वप्न देखकर जाग गया। आलिंगन में आते-आते मुस्काकर जो भाग गया। ~ जयशंकर प्रसाद "बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक न

गिरिजेश राव की कहानी एक सुख ऐसा भी

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनुवादित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार श्यामचंद्र कपूर की कथा " बहू लक्ष्मी " का पॉडकास्ट अर्चना चावजी के चिर-परिचित स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं भावों से परिपूर्ण लेखक गिरिजेश राव की मर्मस्पर्शी कथा " ...एक सुख ऐसा भी ", वाचन अनुराग शर्मा द्वारा। आदि से अंत तक बांधकर रखने वाली कहानी "...  एक सुख ऐसा भी " का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस कथा का आलेख/टेक्स्ट एक आलसी का चिट्ठा  ब्लॉग पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। काशी की उत्पत्ति 'काश' से है जिसका अर्थ होता है प्रकाश। यह सनातन नगरी प्रकाश नगरी है। धान या वृहि अन्न की उपज से जुड़

बोलती कहानियाँ: बहू लक्ष्मी - श्यामचंद्र कपूर

रेडियो प्लेबैक इंडिया के सभी श्रोताओं को दीपावली पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें! 'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कथा " छोटा जादूगर " का पॉडकास्ट अर्चना चावजी की आवाज़ में सुना था। आज हम लेकर आये हैं लेखक श्याम चंद्र कपूर की कथा " बहू लक्ष्मी ", वाचन अर्चना चावजी द्वारा। कहानी " बहू लक्ष्मी " का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। वर्तमान में जबकि ‘औरंगजेब की सहिष्णुता’ पर शोध प्रबन्ध लिखे जा रहे हैं, इस विषय का यथातथ्य विश्लेषण परमावश्यक है कि इतिहास को अपने मूलरूप में बनाए रखा जाय। ~ श्यामचंद्र कपूर "बोलती कहानियाँ" में हर सप्त

बोलती कहानियाँ - दियासलाई वाली बच्ची

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा द्वारा लेखनीबद्ध लघुकथा " ईमान की लूट " का पॉडकास्ट उन्हीं की आवाज़ में सुना था। आज हम लेकर आये हैं विश्व प्रसिद्ध लेखक हान्स क्रिश्चियन एंडरसन की कथा " Den Lille Pige med Svovlstikkerne " का हिन्दी सार-संक्षेप, दियासलाई वाली बच्ची  - सार-अनुवाद और वाचन अनुराग शर्मा द्वारा। कहानी " दियासलाई वाली बच्ची " का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 8 सेकंड है। कहानी का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। जब शब्द चुक जाते हैं, संगीत बोलता है। ~ हान्स क्रिश्चियन एंडरसन "बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी वह डरती थी कि अगर माचिस नहीं

ईमान की लूट - लघु कथा - अनुराग शर्मा

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने माधवी चारुदत्ता के स्वर में दो पुरानी लोककथाओं के अनुराग शर्मा द्वारा लेखनीबद्ध आधुनिक संस्करण " तरह तरह के बिच्छू " का पॉडकास्ट सुना था। आज हम लेकर आये हैं  अनुराग शर्मा की लघुकथा " ईमान की लूट ", उन्हीं की आवाज़ में। कहानी " ईमान की लूट " का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 9 सेकंड है। कहानी का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। कई कलाकारों की दुकान जमाने में उनके अभिनय से अधिक योगदान उनके मेकअप आर्टिस्ट का होता है। ~ अनुराग शर्मा "बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी वकील बोला कि गैंग को बचाने के लिए झूठ बोलते-बोलते उसकी ईमानदारी स

बोलती कहानियाँ: तरह तरह के बिच्छू

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य " बदचलन " का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं " तरह तरह के बिच्छू ", दो पुरानी बोधकथाओं का नया रूप, अनुराग शर्मा की लेखनी और माधवी चारुदत्ता के स्वर में। कहानी "तरह तरह के बिच्छू" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 49 सेकंड है। कहानी का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं देर कैसी? अधिक जानकारी के लिए कृपया अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें। बेलगाम खरी-खोटी कहने भर से कोई सत्यवादी नहीं हो जाता, सत्य सुनने का साहस, और सत्य स्वीकारने की समझ भी ज़रूरी है। ~ अनुराग शर्मा "बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें

अनुराग शर्मा की लघुकथा ईमान की लूट

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में हरिशंकर परसाई के व्यंग्य " बदचलन " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा का एक लघु व्यंग्य ईमान की लूट जिसे स्वर दिया है  अनुराग शर्मा ने। प्रस्तुत कथा का गद्य " बर्ग वार्ता ब्लॉग " पर उपलब्ध है। " ईमान की लूट " का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 58 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। प्रश्न कठिन हो जाते हैं, हर उत्तर पे इतराते हैं मैं चिंता में घुल जाता हूँ, चलूँ तो पथ डिग जाते हैं।  ~ अनुराग शर्मा हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी "गांधीवादी ने कहा कि उसने सबसे थप्पड़ खाये हैं इसलिए वह सबसे ज़्यादा हिस्स

बोलती कहानियाँ' - बदचलन (हरिशंकर परसाई)

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में पुरुषोत्तम पाण्डेय की कहानी " सड़क जाम " का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य " बदचलन ", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "बदचलन" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 55 सेकंड है। कहानी का गद्य विकिसोर्स पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें । मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। । ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995) "बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी यह बहुत बदचलन, चरित्रहीन आदमी है। जह

लघु बोधकथा: मुनीश शर्मा

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में मनमोहन भाटिया की कथा " बड़ी दादी " का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुनीश शर्मा द्वारा शब्दबद्ध आजके राजनीतिक परिदृश्य पर खरी उतरती एक लघु बोधकथा जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। इस "लघु बोधकथा" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 16 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें। अपनी मनमोहक वाणी के लिए प्रसिद्ध मुनीश शर्मा आजकल रेडियो जापान के हिन्दी विभाग में कार्यरत हैं और टोक्यो में रहते हैं। उनका ब्लॉग मयखाना है। हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी वह आने जाने वालों को सीं