शुक्रवार, 18 जुलाई 2008

कोलकत्ता से उड़ता उड़ता आया " आवारा दिल " - दूसरे सत्र के, तीसरे नए गीत का, विश्व व्यापी उदघाटन आज

इस शुक्रवार आवाज़ पर हैं, १६ वर्षीय युवा संगीतकार. कोलकत्ता के सुभोजेत का, स्वरबद्ध किया गीत " आवारा दिल ", यह गीत भी बिल्कुल वैसे ही बना है, जैसे अब तक, युग्म के अधिकतर गीत बने हैं, अर्थात अलग अलग, तीन शहरों में बैठे गीतकार, संगीतकार और गायक ने, व्यक्तिगत रूप से बिना मिले, इन्टरनेट के माध्यम से टीम बना कर मुक्कमल किया है, यह गीत भी. यहाँ कोलकत्ता के सुभोजेत को साथ मिला, दिल्ली के गीतकार सजीव सारथी का, और नागपुर के गायक, सुबोध साठे का. सजीव का युग्म के लिए यह आठवां सोलो गीत है, और सुबोध ने यहाँ चौथी बार अपनी गायकी का जौहर दिखाया है.
अपना पहला गीत सुभोजेत ने, उन आवारा क़दमों को समर्पित किया हैं, जो जीवन नाम के सफर में, हर पल को भरपूर जीते हैं, सुख-दुःख, धूप-छांव, हर मुकाम से हँस कर गुजरते हैं, और जहाँ जाते हैं बस खुशियाँ बाँटते हैं.
तो सुनिए मस्ती भरा, यह गीत, और अपनी बेबाक समीक्षा से इस टीम का मार्गदर्शन करें.

"आवारा दिल" को सुनने के लिए नीचे के प्लेयर पर क्लिक करें.



This 16 years old composer, from Dumdum Cantt, Kolkatta, is the youngest of the bunch we have, Subhojet is really a found, for Hind Yugm. teamed with Sajeev Sarathie and Subodh Sathe, here we bring his first ever song for you - Awaara Dil. This song is all about the fullness of life, where one enjoy every moment, in all its beauty, without complaining, but singing and dreaming,all the time, with all the hopes in heart and a smile on face, even while walking through, the tough roads of life journey.
So friends, enjoy this song, and leave your fair comments, we hope that you will surely enjoy this presentation.

To listen to "Awaara Dil" please click on the player



चित्र - संगीतकार सुभोजेत (ऊपर), और अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करते सुबोध साठे (नीचे )

गीत के बोल - आवारा दिल

उड़ता उड़ता मैं फिरूं दीवाना,
ख़ुद से, जग से, सब से बेगाना,
ये हवा ये फिजा, ये हवा ये फिजा,
है ये साथी मेरे, हमसफ़र-
है ये साथी मेरे, हमसफ़र-
आवारा दिल .... आवारा दिल....
आवारा दिल....आवारा दिल....

धूप में छाँव में ,
चलूँ सदा झूमता,
और बरसातों में,
फिरता हूँ भीगता,
साहिल की रेत पे बैठ कभी.
आती जाती लहरों को ताकता रहूँ,
मस्त बहारों में लेट कभी,
भंवरों के गीतों की शोखी सुनूँ,
आवारा दिल.....

रास्तों पे बेवजह,
ढूंडू मैं उसका पता,
जाने किस मोड़ पर,
मिले वो सुबह,
पलकों पे सपनों की झालर लिए,
आशा के रंगों में ढलता रहूँ,
जन्मों की चाहत को मन में लिए,
पथिरीली राहों पे चलता चलूँ,
आवारा दिल....

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


SONG # 03, SEASON # 02, " AWAARA DIL " ( RELEASED ON 18/07/2008 ) @ AWAAZ (PODCAST)
MUSIC @ HIND YUGM, WHERE MUSIC IS A PASSION

32 टिप्‍पणियां:

rohan ने कहा…

Very nice song , proud of you Subhojit. go on composing such beautifull tracks.
My best wishes with you always.
regards
RD

Sudeep ने कहा…

This one is better from all ive heard on yugm till date. Good things- Lyrics are simple & music is kept simple too. I also understand thats its done in a home studio its a good production for that setup. Bad things- The base melody is a wrong selection. These lyrics will sound much better if you make this in keherwa rag & fuse it with new age funk. The submerge shoud be musical Eg - when you say awara dil.ssssss(vocal bartone), it should be awara dil,@#$%^(music bartone) & carry forward. Use funk samples & give it a crisp cut. Try out & youll feel the difference..Overall, good attempt, but not impressive..Kudos..Sudeep

shivani ने कहा…

वाह ,बहुत खूब ....हमें सुदीप जी जितनी संगीत की जानकारी नहीं है ,परन्तु सुदीप जी ने इस गीत को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए ,यह पढ़ कर अच्छा लगा !लगा की अब सब हिंद युग्म को दिल से चाहते हैं !गीत के बोल सरल हैं,सुन्दर हैं ,सजीव जी बधाई हो !हमारे छोटे संगीतकार सुभेजेत ने भी बहुत अच्छा प्रयास किया है !संगीत कर्णप्रिय है ,ज्यादा तेज भी नहीं है !आपको भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं !आवाज़ तो सुबोध साठे जी की है ,इनकी तारीफ तो हम इनके गाये गीत में करते ही हैं !इनको बहुत बहुत धन्यवाद ,बहुत अच्छी आवाज़ है !आशा है और भी अच्छे गीत सुनने की !

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत ही सुंदर योगदान है तीनों का ..बहुत अच्छा लगा सुनना

nesh ने कहा…

bhaut khub ,sari team ko best of luck,nice work

BRAHMA NATH TRIPATHI ने कहा…

बहुत ही सुन्दर गीत लिखा है संजीव जी ने और जिस खूबसूरती के साथ उसे सुभोजेत जी ने संगीतबद्ध किया वो भी कमल का है सुबोध साठे जी की आवाज भी ने इस गीत का रूप निखार दिया है

rishita ने कहा…

daaaaaaaaaaaaaaarun!!!!!!!!!!!!!!!!!!

J.M. SOREN'S PAGE-- SANTHALS MUSICIANS GANG ने कहा…

the beginning of the song is impressive. The antras could have been much better. Even otherwise the song is impressive. All the best to Subhojeet

J.M.SOREN

तपन शर्मा ने कहा…

बहुत अच्छे सुभोजेत... संगीत बहुत अच्छा लगा मुझे..सुबोध जी की आवाज़ तो पिछले साल से सुनते आ रहे हैं हिन्दयुग्म के पाठक..सब कुछ बढिया लगा...
मेरे एक मित्र संदीप की माने तो उसी के शब्दों में,
"hindyugm sahi ja raha hai...i have started to enjoy it...

gaane dheere dheere improve honge...par sabse badiya baat concept hai....sab log alag alag jagah rehte hue gaane compose kar rahe hain....ye bahut sahi hai..."
सजीव जी आपको और आपकी पूरी टीम को बधाई जो इस तरह का आपने प्रयास किया...

Pradeep Kumar ने कहा…

wah ! kya khoob saaz o awwaz hai. sach, kahoon to behad prernadayak hai. jitne khoobsooral shabd hain utna hi pyaar se gayaa hai

Vijendra S Vij ने कहा…

Sajeev ji..pure team ko badhai..bahut unique work hai..geet ke bol behad sunder hai auir subhodh ki gayaki bhi..music composing bhi badhiya...karvan yun hi chalta rahe..hamari shubhkamanyen..

Janmejay ने कहा…

namaskaar!
bahut sundar rachna ban pari hai,prayas sarahneey hai,khas taur par humare yuva sangeetkaar badhai aur prashansa ke patr hain.

sangeet sanyojan yahan jyada achha nahi ban para..aur gana kuchh jyada sapat ho gaya hai,yah ek tarah se sahi bhi hai taki yah saral rahe,kavita pradhan rahe,,lekin kavita jab geet ka roop le le to geet ke jo avyav hote hain unki bhi anivaryata ho jati hai.

rachna bahut achhi hai,lekin technically kamjor hai,lekin jaisa vidit hai ki sara kaam online ho raha hai,isliye mana ja sakta hai ki pareshani ho rahi hogi,lekin ab hum is excuse se mukti pa len to hi achha,online bhi is'se behtar kaam hota hai...isliye prayas jari rakhen aur geet ki dhun,bol aur awaaz ke sath-sath iske technical pakshon par bhi dhyan den,packaging aur impressive honi chahiye.
udaharanaarth aaj ek photographer ka kaam photo kheechne ke baad hi shuru hota hai,asal kaam photo kheechne me nahi balki uski editing me hota hai...asha hai prayas jaldi hi safalta ka marg prasast karenge.

asha hai jald hi gaanon ki studio-recording bhi prarambh hogi! shubh kamnayen!!badhai!!!

dhanyawaad!

-janmejay

Dev ने कहा…

nice work ... kaafi achhe bol hai ... aur gayaki bhi bahut hi sundar hai

महाशक्ति ने कहा…

बहुत ही अच्‍छा और मधुर गीत, विलम्‍बित टिप्‍पणी के लिये क्षमा चाहूँगा।


अब तक मैने जितने गाते उनमें अबतक के सर्वश्रेष्‍ठों में सर्वश्रेष्‍ठ है।

शैलेश भारतवासी ने कहा…

इस गीत का संगीत मुझे बहुत पसंद आया। मैने तो १० से भी अधिक बार सुना। मेरे कई दोस्तों ने इसे पसंद भी किया। सुबोध का उच्चारण भी अब तक का उनका बेहतर उच्चारण है।

सुभोजेत बहुत कम उम्र के हैं, फिर भी उन्हें गीत के भाव की गहरी समझ है। सुभोजेत के अगले गीत का इंतज़ार रहेगा।

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav ने कहा…

बहुत सुन्दर गीत बना है.. बोल / धुन / गायकी तीनो जबरदस्त ..

Shailesh ने कहा…

Subodh....Great work...Once again...Keep it up

Congrats to all three of you...Great work team..

Shailesh
Toronto

अवनीश एस तिवारी ने कहा…

lovely. Nice work.
Congrates to all.


Avaneesh Tiwari

संत शर्मा ने कहा…

Bahut Khubsurat, Mehnat rang la rahi hai.

Anonymous ने कहा…

वाह !!!..
सुन्दर... गाते रहो .. गुनगुनाते रहो !!

~ रिपुदमन

Anur00p ने कहा…

Composition well made..... music also upto the mark ...... beat pattern bugs at times, but can be taken care of with just a little effort.

Keep goin on.....

Wishes

bhegi palko per naam tumahra hai ने कहा…

BAHUT HI ACHA HAI JANAB वो भी दिन थे की हमीं आयें हरेक बात में याद
आज हर बात में कह्ते हैं की हम भूल गए
बड़े भोले है, बड़े ढूध के धोये हैं आज
पी के जब प्यार में बहके थे कदम भूल गए
हमसे कांटे भी निकलवाये थे तलवों से कभी
आ के मंजिल पे सभी राह के ग़म भूल गए
अब तो कह्ते हो की भाते ही नही हमको "गुलाब"
आपके दिल् को कभी था ये वहम भूल गए

Manish Kumar ने कहा…

अच्छा लगा सुबोध को सुन कर। पहले से ज्यादा बेहतर लगे इस गीत में...
संगीत भी सहज और मधुर है।

Rishi ने कहा…

Very good attempt by the composer at this age! My best wishes to him for his future endeavours.

I have worked closely with Subodh and Sajeev. They are always good at what they do!

विश्व दीपक ने कहा…

main to is gaane ko tab se sun raha hoon, jab yeh apne first stage mein tha.......lagbhag last 3 mahinon se main is gaane ke sampark mein hoon ;) Chuki maine is gaane ki shaishav-avastha se lekar yuva-avastha sab dekhi hai, mujhe yah geet behad pasand hai;

--Vishwa Deepak 'tanha'

gaurav ने कहा…

beautiful composition...
meaningful lyrics...
the singing is also good but still i guess can be improved by him again.
For the Music Composer, try to record this song with authentic Instruements...it will sound more lively.
Lastly...a soul touching creation...keep it up.

shruti ने कहा…

वाह!!!
बहुत ही मधुर... एक और सफल प्रयत्न के लिए बधाई !!!
--श्रुति

Manuj Mehta ने कहा…

hello subhojeet
fantastic music with such a nice voice of our dear Subodh Sathe. wonderful combination.
May God bless you with a sucessful future.

regards
Manuj Mehta

श्रद्धा जैन ने कहा…

bahut bahut badhayi aapko itna madhur geet laane ke liye
mujhe ye last geet se jayada behatar laga
saral shabad aur aawaj ki madhurta man ko shaant kar gayi

श्याम की दुनिया ने कहा…

geet ke bol bahut sunder hain, aur awaaz bhi behad madhur, subhojit ka sangeet refreshing hai, excellent song over all...

संतोष (कवितेतला) ने कहा…

Subodh is again ROCKINGGG
Congrats !

सुशील छौक्कर ने कहा…

यह गाना मेरे दिल के करीब लगा ।

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