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वो नर्म सी ( Wo Narm see)

हिन्द-युग्म ने अपना दूसरा संगीतबद्ध गीत भी ज़ारी कर दिया गया है। १९ नवम्बर २००७ को हिन्द-युग्म की उसी पुरानी टीम ने नया गीत श्रोताओं के हवाले कर दिया। पूरा विवरण यहाँ है।
कवि- सजीव सारथी
स्वर- सुबोध साठे
संगीत-ऋषि एस॰ बालाजी
अक्षर- वो नर्म सी...
स्रोत- हिन्द-युग्म
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Comments

बहुत ही सुंदर गीत है. बहुत ही पसंद आया-
संगीत अति उत्तम और गायक की आवाज़ में बहुत गहराई है-
गीत भी अच्छा लिखा है -
यह गीत कर्णप्रिय है और मन को छूता है-
कई बार सुन चुकी हूँ लेकिन पोडकास्ट पर -
यहाँ का ले प्लेयर का बटन क्लिक नहीं कर रहा है-
[रियल प्लेयर चेक कर चुकी हूँ-]
बहुत बहुत बधाई -

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