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Friday, October 4, 2013

सुरों की मशाल लाया सुपर हीरो "क्रिश 3"

कोई मिल गया और क्रिश की कामियाबी ने भारतीय फिल्म परदे को दिया है, सुपरमैन स्पाईडरमैन सरीखा एक सुपर हीरो जो दर्शकों में, विशेषकर बच्चों में ख़ासा लोकप्रिय है, इसी लोकप्रियता को अपने अगले मुकाम तक ले जाने के लिए निर्देशक राकेश रोशन लेकर आये हैं क्रिश ३. राकेश की अब तक की सभी फिल्मों में उनके भाई राजेश रोशन का ही संगीत रहा है और इस परंपरा का निर्वाह क्रिश ३ में भी हुआ है. इससे पहले कि फिल्म, वर्ष २०१३ में आपकी दिवाली को जगमगाए आईये देखें फिल्म का संगीत क्या ऐसा है जिसे आप चाहें कि गुनगुनाएं. 

देसी सुपर हीरो क्रिश को अपने पहले संस्करण में कोई थीम गीत नहीं मिला था, तो चलिए इस कमी को पूरा कर दिया है इस एल्बम में. क्रिश का शीर्षक गीत ममता शर्मा की आवाज़ में है जिसमें खुद राजेश रोशन और अनिरुद्ध भोला ने बैक अप स्वरों का रंग मिलाया है. आखिरकार लगभग दो सालों तक मात्र आईटम गीतों की अपनी आवाज़ देने के बाद किसी बॉलीवुड संगीतकार ने ममता से कुछ अलग गवाया है, और उम्मीद के अनुरूप ममता ने गीत के साथ पूरा न्याय किया है. हाँ क्रिश जैसे सुपर हीरो के लिए कुछ इससे बेहतर गीत भी हो सकता था. 

शांति  के मसीहा, यानी हमारे बापू महात्मा गांधी जी का जन्म मास है ये, और इसे इत्तेफाक ही कहिये कि उनके प्रिय भजन रघुपति राघव वर्ष का २०१३ में बॉलीवुड ने जम कर इस्तेमाल किया, कभी फिल्म के प्रमुख गीत के रूप में (सत्याग्रह) तो कभी पार्श्व संगीत के रूप में (जंजीर). क्रिश ३ में भी इस भजन को एक कदम थिरकाने वाले गीत में तब्दील कर पेश किया गया है. यहाँ मैं गीतकार संगीतकार को विशेष बधाई देना चाहूँगा जिन्होंने भजन के प्रमुख शब्द युग्म को बेहद सफाई से अपने गीत में ढाला है. धुन जुबाँ पे चढ़ने वाली है और नीरज श्रीधर तो ऐसे गीतों के उस्ताद माने जाते हैं, यूँ बीते कुछ दिनों से वो अपने मेंटर प्रीतम के संगीत निर्देशन में सुनाई नहीं पड़े हैं. पर इस झुमाने वाले गीत के रूप में उन्हें साल का एक हिट गीत तो मिल ही गया है. 

एल्बम  की एक और बड़ी खासियत है कि इसके दो गीतों में अलीशा चिनॉय की नशीली आवाज़ का इस्तेमाल हुआ है. अलीशा देश की पहली पोप डी'वा हैं और उनकी आवाज़ में वही कशिश, वही कसक आज भी बरकरार है. गीत दिल तू ही बता में उनके साथ हैं और एक जबरदस्त गायक जुबीन गर्ग. गीत की रिदम और इंटरल्यूड गजब के हैं. अच्छा और पैशनेट गीत है जो एक दो बार सुनने के बाद ही शायद आपको पसंद आये, पर गीत की मिठास लंबे समय तक आपके साथ रहेगी. 

अलीशा  की आवाज़ में दूसरा गीत यू माई लव भी एक युगल गीत है जिसमें उन्हें साथ मिला है आज के सबसे सफल गायकों में से एक मोहित चौहान का. गीत कैची है और पति पत्नी की नोक झोंक में बुने शब्द माहौल को हल्का फुल्का बनाते हैं. अलीशा की आवाज़ एक बार फिर गीत की जान है. गीत का फिल्मांकन अगर अच्छा हुआ तो ये गीत जल्दी ही टॉप चार्ट पे होगा. 

सोनू निगम और श्रेया के युगल स्वरों में है क्रिश का दूसरा थीम गीत जो अधिक पारंपरिक है शब्द और संगीत दोनों लिहाज में. गोड अल्लाह और भगवान में देश के सच्चे हीरो की कल्पना की गयी है. उद्देश्य अच्छा है पर गीत में कोई नयापन नहीं मिलता. कुल मिलाकर क्रिश में ५ गीत हैं दो गीतों को अलीशा से संभाल लिया है. एक गीत में गाँधी जी का मंत्र काम कर गया और दो थीम गीत भी बच्चों को पसंद आयेंगें. यूँ भी फिल्म संगीत से अधिक अपने स्पेशल एफ्फेक्ट्स पर अधिक केंद्रित है. ऐसे में एक औसत एल्बम भी फिल्म के लिए काफी होगी जो राजेश रोशन की एल्बम निश्चित ही है. 

एल्बम के सर्वश्रेष्ठ गीत - रघुपति राघव, यू माई लव, दिल तू ही बता 
हमारी रेटिंग - ३.५

संगीत समीक्षा - सजीव सारथी
आवाज़ - अमित तिवारी 
 
   

Friday, September 27, 2013

पूरी रात पार्टी का इंतजाम लेकर आया है 'बॉस'

क्षय कुमार अपने खिलाड़ी रूप में फिर से लौट रहे हैं फिल्म बॉस के साथ. लगता है उन्हें हनी सिंह का साथ खूब रास आ रहा है. तभी तो पूरी एल्बम का जिम्मा उन्होंने हनी सिंह के साथ मीत ब्रोस अनजान को सौंपा है. फिल्म हिट मलयालम फिल्म पोखिरी राजा का रिमेक है, यहाँ अक्षय हरियाणा के पोखिरी यानी टपोरी बने हैं. आईये देखें इस बॉस को कैसे कैसे गीत दिए हैं हनी सिंह ने.

शीर्षक गीत बॉस को बखूबी परिभाषित करता है. हनी सिंह का हरियाणवी तडका अच्छा जमा है. गीत में पर्याप्त ऊर्जा और जोश है. शब्द एवें ही है पर शायद जानकार ऐसा रखा गया है.

दक्षिण के जाने माने संगीतकार पी ए दीपक के मूल गीत अपदी पोडे पोडे का हिंदी संस्करण है अगला गीत हम न छोड़े तोड़े, जिसे पूरे दम ख़म से गाया है विशाल ददलानी ने. शब्द अच्छे बिठाए गए है, पर मूल गीत इतनी बार सुना जा चुका है कि गीत कुछ नया सुनने का एहसास नहीं देता. दूसरे अंतरे से पहले अक्षय से बुलवाए गए संवाद बढ़िया लगते हैं.

सोनू निगम इन दिनों बेहद कम गीत गा रहे हैं ऐसे में किसी अच्छे गीत में उन्हें सुनना वाकई सुखद लगता है. एल्बम के तीसरे गीत पिता से है नाम तेरा एक भाव प्रधान गीत है जिसमें क्लास्सिकल और सूफी अंदाज़ को भी घोला गया है.

एल्बम का सबसे तारो ताज़ा और कदम थिरकाने वाला गीत है पार्टी ऑल नाईट. हालंकि शब्द खासे आपत्तिजनक हैं पर ठेठ हरियाणवी अंदाज़ का ये गीत हनी सिंह के मशहूर स्टाइल का है. कौन कहता है कि जट्टां दी भाषा लट्टमार होती है. सुरों में पिरो दो सब कुछ सुरीला ही सुनाई देता है. बेशक हनी सिंह के नाम से बहुत से लोग नाक भौ चढा लेते हैं, पर उनके ऐसे गीत सुनकर वाकई शरीर को थिरकने से रोक पाना बेहद मुश्किल है. आने वाले त्योहारों और शादियों के मौसम में ये गीत जम कर बजने वाला है ये तय है.

नब्बे के दशक के हिट गीत हर किसी को नहीं मिलता को एक नए रूप में पेश किया गया है एल्बम में. दो संस्करण है क्रमशः निखिल और अरिजीत की आवाजों में. एक बेहद यादगार गीत को कुछ अलग अंदाज़ में पेश कर आज की पीढ़ी के लिए भी इसे जिंदा किया गया है. अरिजीत वाले संस्करण में नीति मोहन की आवाज़ बेहद दिलचस्प लगी है.

बॉस का संगीत खालिस मस्ती और नाचने गाने के लिए ही है. जाहिर है लंबे समय तक इन्हें याद नहीं रखा जायेगा.

एल्बम के बेहतरीन गीत : पार्टी ऑल नाईट, हर किसी को नहीं मिलता

हमारी रेटिंग : ३.४   

संगीत समीक्षा - सजीव सारथी
आवाज़ - अमित तिवारी   

Friday, September 20, 2013

लव की घंटी बजा रहे हैं ललित कुछ 'बेशरम' होकर

90 के दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में इस जोड़ी का संगीत था, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे , कुछ कुछ होता है, जो जीता वही सिकंदर  जैसी फिल्मों के नाम जुबाँ पे आते ही याद आते हैं जतिन ललित. फना  के बाद दोनों भाईयों ने अलग अलग काम करने का फैसला लिया, और अब एक लंबे अरसे बाद ललित लौटे हैं रणबीर कपूर अभिनीत बेशरम  के साथ. देखें क्या ललित अकेले दम पर वही पुराना सुरीला जादू फिर से पैदा कर पाए हैं या नहीं.   

जैसा कि हम बता चुके हैं कि ललित फिल्म के प्रमुख संगीतकार हैं पर यहाँ एक अतिथि संगीतकार के रूप में इश्क बेक्टर भी मौजूद हैं और इन्हीं का है शीर्षक गीत बेशरम . धुन कैची है, शब्द बेतरतीब हैं, ८० के दशक जैसा टेम्पो है गीत का, और फिल्म के शीर्षक गीत के रूप में एकदम सटीक है.

रणबीर पर फिल्माए ताजा हिट गीत दिल्ली वाली गर्ल फ्रेंड  की तर्ज पर ही लगता है हम लुट गए रे पिया आके तेरे मोहल्ले  गीत भी. तेज रिदम पर ममता शर्म और एश्वर्या निगम की दिलफेंक गायकी गीत को एक चार्टबस्टर बनाने में पूरी तरह समर्थ है.

किशोर कुमार के चुलबले गीतों का अंदाज़ झलकता है लव की घंटी   गीत में. सुजीत शेट्टी के साथ खुद रणबीर की भी आवाज़ है गीत में. राजीव बरनवाल ने शब्द भी अच्छे गढे है यहाँ. सुजीत की गायिकी में संभावनाएं नज़र आती है. इस तरह के खिलंदड गीतों को निभाना आसान नहीं है, हालांकि धुन चुराई हुई है और खुद ललित भी इसे स्वीकार कर चुके हैं, तो हम ललित को इस गीत के लिए बधाई देना जरूरी नहीं समझते.

ललित अपने स्वाभाविक फॉर्म में नज़र आते हैं अगले गीत दिल का जो हाल है  , गीत रोमांटिक तो है पर चुलबुला भी. पर अभिजीत और श्रेया की आवाज़ में वो जरूरी विरोधाभास नज़र नहीं आता. शब्द भी औसत हैं. बड़े नामों के बावजूद गीत सामान्य ही लगता है.

श्रेया पिछले गीत की कमी को सोनू के साथ पूरा करती नज़र आती है तू है  गीत में, बेहतर और अधिक सुरीला है ये गीत जहाँ धुन शब्द और गायिकी सभी एक दूसरे को जरूरी साथ देते हुए प्रतीत होते हैं, गीत में सोनू की आवाज़ बहुत देर बाद प्रवेश करती है, पर उन्हीं का गायन गीत को मुक्कमल करती है यहाँ.

श्रेया एक बार सुनाई देती है जोशीले मिका के साथ. मराठी लोक धुन पर आधारित गीत आ रे आ रे एक बार फिर औसत ही लगता है. हालाँकि गायकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है पर गीत में नयेपन का अभाव है.

तडके में कहीं कमी न रह जाए तो ललित ले आये मिका और सीनियर मेहदी के साथ. चल हैंड उठा के नचे  एक जोशीला डांस गीत है, जो सुनने से अधिक देखने में अधिक सुखद लगेगा. बेशरम का संगीत फिल्म के अनुरूप है, शायद लंबे समय तक दिल पर टिके रहने का दम ख़म न हों इनमें पर फिल्म को जरूरी ताम झाम देने में पूरी तरह समर्थ है. ललित यहाँ प्रीतम 'मोड' में हैं.

एल्बम के बहतरीन गीत - लव की घंटी, मोहल्ले, बेशरम 
हमारी रेटिंग - ३.७ 

Saturday, September 14, 2013

सिने पहेली – 80 - गीत अपने धुन पराई

सिने पहेली – 80

  
दोस्तों सिने पहेली के आठवें सेगमेंट की अंतिम कड़ी में सभी प्रतियोगियों का स्वागत है.  

हिन्दी संगीतकारों पर अकसर आरोप लगता है कि वो विदेशी गानों से धुनें चुरा कर संगीत रचते हैं. हिन्दी संगीतकार इसे प्रेरणा का नाम देते हैं. 

आज की  पहेली इसी पर आधारित है. हम आपको कुछ विदेशी गाने सुनाएँगे. आपको  इन विदेशी गानों को  पहचानना है और साथ ही वह हिन्दी फ़िल्मी गीत जो इन गानों  से प्रेरित है. 

विदेशी गाने के लिए 1 अंक और हिन्दी गाने के लिए 1 अंक.

हर सवाल के 2 अंक हैं और इस तरह यह अंक 20 अंको का है. 

इस बार के सरताज विजेता हैं प्रकाश गोविन्द जी. बहुत बहुत बधाई आपको.

अभी तक  प्रकाश जी बढ़त बनाये हुए हैं लेकिन पंकज मुकेश जी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. अगले अंक में हमें इस सेगमेंट का विजेता मिल जायेगा. 

ज की पहेली के लिए आप सबको शुभकामनाएँ।

इस बार के प्रतियोगियों के अंक आप सवालों के बाद देख सकते हैं।

इस अंक से प्रतियोगिता में जुड़ने वाले नये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए हम उन्हें यह भी बताना चाहेंगे कि अभी भी कुछ देर नहीं हुई है. आज से इस प्रतियोगिता में जुड़ कर भी आप महाविजेता बन सकते हैं. यही इस प्रतियोगिता की विशेषता है. इस प्रतियोगिता के नियमों का उल्लेख नीचे किया गया है, ध्यान दीजियेगा.

तो  आइए, आरम्भ करते हैं, आज की पहेली का सिलसिला.


आज की पहेली

सवाल-1



सवाल-2  


सवाल-3
यह गाना अक्टूबर में रिलीज होने वाली एक कॉमेडी फिल्म में इस्तेमाल हुआ है.


कुछ लोग ये गाना नहीं सुन पा रहे हैं. इसी को नीचे सुन सकते हैं


सवाल-4  

सवाल-5


सवाल-6  

सवाल-7


सवाल-8  

सवाल-9

सवाल-10  
अंतिम सवाल थोड़ा सा उल्टा है. अभी तक आपने विदेशी गाने सुने जिनको हिन्दी गानों में इस्तेमाल करा गया. 
यह गाना हिन्दी फिल्म के एक गाने से सीधा सीधा उठा लिया गया. आपको दोनों गानों को पहचानना है.



अगर आप इन गानों को सुन नहीं पा रहे हैं तो आप नीचे दी गयी लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं.
सवाल 3

सवाल 4

सवाल 5

सवाल 6

सवाल 7

सवाल 8

सवाल 9

सवाल 10

जवाब भेजने का तरीका


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 80" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 19 सितम्बर, शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।


पिछली पहेली का हल
 
प्रश्न 1: तू तू है वो ही दिल ने जिसे अपना कहा, किशोर कुमार, राहुल देव बर्मन, कपिल कपूर
प्रश्न 2: सत्यशील देशपांडे, लेकिन, गुलज़ार  (गाना - झूठे नैना बोलें सांची बतियाँ)
प्रश्न 3: फ़िरोज़ खान और मुमताज़ ,किशोर कुमार, कल्याणजी आनन्दजी
प्रश्न 4: "कहाँ से आते हैं" (Escape From Taliban). यह फ़िल्म सुष्मिता बनर्जी की आत्मकथा 'Kabuliwala's Bengali Wife' पर बनी थी, जिनका 5 सितंबर को तालिबानी हमलावरों ने कत्ल कर दिया.
प्रश्न 5: इसके कई सारे उत्तर हो सकते हैं. कुछ नीचे दिए हैं:
i) मौसमी चटर्जीजया प्रदा 
(रेखा-मौसमी पर फ़िल्माया लता-आशा डुएट है "दीपक मेरे सुहाग का जलता रहे"; जया प्रदा - पद्मिनि पर फ़िल्माया लता-आशा डुएट है :"सुन री मेरी बहना सुन री मेरी सहेली")

ii)अनुराधा पटेल,
फ़िल्म 'उत्सव' में रेखा और अनुराधा पटेल द्वारा अभिनीत गीत - 'मन क्यूँ बहका रे बहका …' को क्रमशः लता मंगेशकर और आशा भोसले जी नी गाया था

iii) रेखा : राधा / विज्यासमुन्दीस्वरी = तेजस्वनी कोल्हापुरे  : पद्मिनि कोल्हापुरी (बहनों की जोड़ी)


पिछली पहेली के विजेता

सिने पहेली – 79 के विजेताओं के नाम और उनके प्राप्तांक निम्नवत हैं।


1प्रकाश गोविन्द, लखनऊ - 18 अंक 

2- पंकज मुकेश, बैंगलुरु – 18 अंक

3- क्षिती तिवारी , जबलपुर - 16 अंक 

4- विजय कुमार व्यास, बीकानेर - 10 अंक

5- चन्द्रकान्त दीक्षित, लखनऊ  – 6 अंक

6 - इन्दू  पुरी, चित्तोडगढ - 4 अंक 



आठवें  सेगमेण्ट का  स्कोरकार्ड












नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए ‘सिने पहेली महाविजेता'

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। सातवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...

4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम।


'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी cine.paheli@yahoo.com पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार।
  


प्रस्तुति : अमित तिवारी 


Friday, September 13, 2013

भरपूर नाच गाना और धमाल है 'फटा पोस्टर निकला हीरो' में

राज कुमार संतोषी के निर्देशन में आ रहे हैं शहीद कपूर और इलियाना डी'क्रूस लेकर फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो . फिल्म में संगीत का जिम्मा संभाला है प्रीतम और अमिताभ भट्टाचार्य की सफल जोड़ी ने जिनके हौसले ये जवानी है दीवानी  के बाद बुलंदी पर होंगें.

आईये तफ्तीश करें इस ताज़ा एल्बम के संगीत की और देखें कि क्या कुछ है नया इस पेशकश में. 

मिका कभी भी प्रीतम के साथ दगा नहीं करते, जब भी प्रीतम ऐसे गीत बनाते हैं जहाँ सब कुछ गायक की क्षमता पर निर्भर हो वो मिका को चुनते हैं और हर बार की तरह मिका ने पहले गीत तू मेरे अगल बगल है में अपना चिर परिचित मस्तानगी भरी है, धुन बहुत ही कैची है. शब्द भी उपयुक्त ही हैं, पर अंगेजी शब्दों की भरमार है. 

मैं रंग शरबतों का  प्रीतम मार्का गीत है. जिसके दो संस्करण हैं. एक आतिफ असलम तो एक अरिजीत की आवाज़ में. मधुर रोमांटिक गीत है. कोरस का इस्तेमाल सुन्दर है. 

बेनी दयाल और और शेफाली की आवाजों में हे मिस्टर डी जे  एक ताज़ा हवा के झोंके जैसा है, जहाँ शेफाली की आवाज़ कमाल का समां रचती है. प्रीतम दा यहाँ पूरी तरह फॉर्म में है. नई ऊर्जा, नई ध्वनियाँ इस गीत को खास बना देती है. 

एक और डांसिंग गीत है दत्तिंग नाच , ऊर्जा से भरपूर कदम थिरकाने में पूरी तरह से सक्षम है ये गीत. देसी बीट्स का तडका और अमिताभ के रचनात्मक शब्द इसे और भी दिलचस्प बना देते हैं. 

माँ बेटे के प्यार भरे रिश्ते को स्वर देता गीत है जनम जनम , सुरीला और भावप्रधान इस गीत के भी दो मुक्तलिफ़ संस्करणों में हमें सुनिधि और आतिफ की आवाजें सुनने को मिलती है. आतिफ ने डूब कर गाया है इसे. सुनिधि ने अपनी आवाज़ देकर इसे बेटियों के लिए भी स्वर दे दिया. 

मेरे बिना तू  में राहत साहब और हर्षदीप की आवाजें हैं. कुछ अधिक प्रभावी नहीं बन पाया ये गीत हालाँकि शब्द अच्छे हैं 

प्रीतम ने अपनी तरकश के सभी तीर आजमाए हैं एल्बम में. और हर बार की तरह वो इस बार भी आम श्रोताओं को मनोरंजन देने में कामियाब हुए हैं. एक और हिट एल्बम उनकी फेहरिश्त में जुड़ती हुई प्रतीत हो रही है. 

सबसे बेहतरीन  गीत - दत्तिंग नाच, हे मिस्टर डी जे, तू मेरे अगल बगल है

हमारी रेटिंग - ४.३/५ 

संगीत समीक्षा - सजीव सारथी
आवाज़ - अमित तिवारी

        

Saturday, September 7, 2013

सिने पहेली – 79 - आशा भोसले पर आधारित

सिने पहेली – 79

  
साथियों 8  सितम्बर यानि कल गायिका आशा भोसले का जन्मदिवस है. सिने पहेली के 79 वें अंक में आज हम आपको उन्हीं के गाये कुछ युगल  गीतों  पर आधारित पहेली लेकर आये हैं। प्रथम तीन गीतांशों को सुन कर आपको उन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

पिछले अंक में वापस विवाद खड़ा हुआ. कुछ लोगों का मानना है कि आयोजक किसी व्यक्ति विशेष को विजेता बनवाना चाहते हैं। अगर ऐसा होता तो शायद अभी तक कोई एक प्रतियोगी ही सारे सेगमेंट में बढत बनाये रहता।

यहाँ किसी का कोई व्यकितगत हित नहीं है। हम लोग भी आप जैसे ही हैं और आप लोगों की तरह ही ये साईट भी हमारा शौक और जूनून है। आपकी आलोचनाओं से हमें कोइ शिकायत नहीं है बल्कि ये हमारे लिये कुछ बेहतर करने की प्रेरणा है।

इस सेगमेंट में मिनेसोटा से दिनेश कृष्णजोएस जी जुड़े हैं। स्वागत है आपका।

ज की पहेली के लिए आप सबको शुभकामनाएँ।

इस बार के प्रतियोगियों के अंक आप सवालों के बाद देख सकते हैं।

इस अंक से प्रतियोगिता में जुड़ने वाले नये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए हम उन्हें यह भी बताना चाहेंगे कि अभी भी कुछ देर नहीं हुई है. आज से इस प्रतियोगिता में जुड़ कर भी आप महाविजेता बन सकते हैं. यही इस प्रतियोगिता की विशेषता है. इस प्रतियोगिता के नियमों का उल्लेख नीचे किया गया है, ध्यान दीजियेगा.

तो  आइए, आरम्भ करते हैं, आज की पहेली का सिलसिला.


आज की पहेली



सवाल-1 - 4 अंक 
यह गाने का शुरुआती संगीत है, इसे सुन कर बताइए:

  1. गीत का मुखड़ा अर्थात शुरुआती बोल क्या है ? (1 अंक)
  2. इस युगल गीत में आशा जी के सहगायक कौन हैं ? (1 अंक)
  3. गीत के संगीतकार कौन हैं ? (1 अंक)
  4. फिल्म के निर्देशक का नाम बताइए (1 अंक)

सवाल 2 - 4 अंक 
यह गीत की आरम्भिक पंक्ति है-

  1. गीत के इस शुरुआती हिस्से के गायक का नाम क्या है ? (2 अंक)
  2. यह गाना किस फिल्म से लिया गया है ? (1 अंक)
  3. गीतकार का नाम क्या है ? (1 अंक)

सवाल-3 - 4 अंक :

यह गीत का अन्तराल (इंटरल्यूड) संगीत है, सुनिए औए बूझिए-

  1. गीत किस अभनेता-अभिनेत्री पर फिल्माया गया है ? (2 अंक)
  2. इस युगल  गीत के सहगायक कौन हैं ? (1 अंक)
  3. गीत के संगीतकार का नाम क्या है ? (1 अंक)

सवाल-4 (बूझो तो जाने ) - 2 अंक: 
आशा भोसले का गाया यह गीत उनके लोकप्रिय गीतों में शामिल नहीं है। इस गीत की फ़िल्म रिलीज़ हुई थी सन्‍ 2003 में। इस फ़िल्म का संबंध 6 सितंबर 2013 को लगभग सभी अखबारों में छपी सबसे बड़ी ख़बर (front page headline) से है। 

क्या आप गीत और फ़िल्म का नाम बता सकते हैं?

सवाल-5  - 4 अंक: 
रिक्त स्थान भरें:

लता : आशा = रेखा : _______ = ________ : पद्मिनि कोल्हापुरी


जवाब भेजने का तरीका


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 79" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 12 सितम्बर, शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।


पिछली पहेली का हल
 
प्रश्न 1: ससुरा तीरथ तीरथ साला साली है , सावन कुमार टॉक, उषा खन्ना
प्रश्न 2: हमें तो लूट लिया मिलके हुसन वालों ने , अल हिलाल , बुलो सी. रानी, इस्माइल आजाद कव्वाल
प्रश्न 3: शोभना समर्थ, रत्तन बाई
प्रश्न 4: भारत की एक सन्नारी की हम कथा सुनते हैं, शंकर राव व्यास, राम राज्य


पिछली पहेली के विजेता

सिने पहेली – 78 के विजेताओं के नाम और उनके प्राप्तांक निम्नवत हैं।


1- चन्द्रकान्त दीक्षित, लखनऊ  – 17 अंक

2- पंकज मुकेश, बैंगलुरु – 17 अंक

3- विजय कुमार व्यास, बीकानेर - 17 अंक

4- प्रकाश गोविन्द, लखनऊ – 17 अंक

5-क्षिती तिवारी , जबलपुर - 17 अंक 

6- दिनेश क्रिश्न्जोएस , मिनेसोटा - 17 अंक

7 - इन्दू  पुरी, चित्तोडगढ - 11 अंक 






आठवें  सेगमेण्ट का  स्कोरकार्ड












नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए ‘सिने पहेली महाविजेता'

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। सातवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...

4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम।


'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी cine.paheli@yahoo.com पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार।
  


प्रस्तुति : अमित तिवारी 


Friday, September 6, 2013

सब कुछ पुराना ही है नई जंजीर में

भी कभी समझना मुश्किल हो जाता है कि एक ऐसी फिल्म जिसे अपने मूल रूप में आज भी बड़े आनंद से देखा जा सकता है, उसका रिमेक क्यों बनाया जाता है. खैर रेमेकों की फेहरिश्त में एक नया जुड़ाव है जंजीर , वो फिल्म जिसने इंडस्ट्री को एंग्री यंग मैन के रूप अमिताभ बच्चन का तोहफा दिया था ७० के दशक में. जहाँ तक फिल्म के प्रोमोस् दिखे हैं नई जंजीर अपने पुराने संस्करण से हर मामले में अलग दिख रही है. ऐसे में इसके संगीत को भी अलग नज़रिए से सुना समझा जाना चाहिए. अल्बम में चार सगीत्कारों का योगदान है. चित्रान्तन भट्ट, आनंद राज आनंद, मीत ब्रोस अनजान और अंकित के सुरों से संवरी इस ताज़ा एल्बम में क्या कुछ है आईये एक नज़र दौडाएं.

मिका  की जोशीली आवाज़ में खुलता है एल्बम का पहला गीत मुम्बई के हीरो . बीच के कुछ संवाद तो बच्चन साहब की आवाज़ में है...भाई अगर उन्हीं की आवाज़ चाहिए थी तो फिर रिमेक की क्या ज़रूरत थी ये मेरी समझ से तो बाहर है.

एक बोरिंग गीत के बाद एक और जबरदस्ती का आईटम गीत सामने आ जाता है. ममता शर्मा की आवाज़ में पिंकी  अब तक सुनाई दिए आईटम गीतों से न तो कुछ अलग है न बेहतर. शब्द घिसे पिटे और धुन भी रूटीन है. एक और ठंडा गीत.

श्रीराम और श्यामली की युवा युगल आवाजों में ये लम्हा तेरा मेरा  सुनकर आखिरकार एल्बम से कुछ उम्मीदें जाग जाती है. बहुत ही सुरीला गीत जिसके साथ दोनों गायक कलाकारों ने भरपूर न्याय किया है.

अगला गीत एक कव्वाली है (पुराने संस्करण के क्लास्सिक यारी है ईमान मेरा  जैसा). मैं तुलना तो नहीं करूँगा पर सुनने में बुरा हरगिज़ नहीं है ये गीत भी. सुखविंदर की आवाज़ में जोश भरपूर है.

श्वेता पंडित का गाया कातिलाना  एक क्लब गीत है जिसकी धुन एक बार पुराने संस्करण के दिल जलों का दिल जला कर  से सीधी उठा ली गयी है. हंसी आती है ऐसे बेतुके प्रयागों पर.

अंतिम  गीत में श्रेया की सुरीली आवाज़ है शकीला बानो हिट हो गयी... शकीला का तो पता नहीं पर एल्बम केवल गीत संगीत के दम पर हिट हो जाए तो चमत्कार ही होगा. एल्बम निराश ही करती है.

सुनने लायक गीत  -  ये लम्हा तेरा मेरा
हमारी  रेटिंग - २ / ५

Saturday, August 31, 2013

सिने पहेली – 78

सिने पहेली – 78

  
सिने पहेली के 78 वें अंक में आप सभी प्रतिभागियों का स्वागत है. 

क्या सवाल कठिन थे इस बार भी? हमने तो अपनी तरफ से हिंट दिए थे और सोचा था कि सभी लोग पूर्ण अंक प्राप्त कर पाएंगे. चलिए इस बार कोशिश करिए निशाना लगाने की.

प्रकाश जी बच गए आप इस बारअगर आपने समय रहते जवाब ठीक नहीं करा होता तो आपका एक अंक कट गया होता. 

इन्दू जी केवल उपस्थिति दर्ज करवाने से काम नहीं चलेगा. एक सवाल का उत्तर देना तो अन्याय है हमारे साथ और जावेद जी आप कहाँ चले गए इस बार?

सरताज प्रतियोगी का ख़िताब इस बार फिर से मिला है पंकज मुकेश जी  को.  बधाई आपको. पंकज मुकेश जी और प्रकाश गोविन्द जी में कांटे की टक्कर चल रही है.

नोवें सेगमेंट से (81 वीं कड़ी ) प्रतियोगिता को दिलचस्प बनाने के लिए हमने 1 अतिरिक्त अंक का प्रावधान करा है. ये 1 अतिरिक्त अंक मिलेगा सरताज प्रतियोगी को. सरताज प्रतियोगी बनने के लिए आपको सारे सवालों के सही जवाब सभी लोगों से पहले देने होंगे.

 इस बार आपसे केवल 4 सवाल पूछे जायेंगे और सवालों के अंक है पूरे 17.

आज की पहेली के लिए आप सबको शुभकामनाएँ.

इस बार के प्रतियोगियों के अंक आप सवालों के बाद देख सकते हैं.

इस अंक से प्रतियोगिता में जुड़ने वाले नये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए हम उन्हें यह भी बताना चाहेंगे कि अभी भी कुछ देर नहीं हुई है. आज से इस प्रतियोगिता में जुड़ कर भी आप महाविजेता बन सकते हैं. यही इस प्रतियोगिता की विशेषता है. इस प्रतियोगिता के नियमों का उल्लेख नीचे किया गया है, ध्यान दीजियेगा.

तो  आइए, आरम्भ करते हैं, आज की पहेली का सिलसिला.


आज की पहेली



सवाल-1: पहचानिए तो सही  (4 अंक)
इस दृश्य को ध्यान से देखिये और इस पर आधारित सवालों के उत्तर दीजिये.
  1. आपको पहचानना है कि ये किस गाने का दृश्य है. (2 अंक) 
  2. फिल्म के निर्देशक का नाम बताइए ( 1 अंक) 
  3.  इस गाने के संगीतकार का नाम बताइए (1 अंक)



सवाल 2: गाना कौन सा? (5 अंक)
इस गाने के मुखड़े की धुन को ध्यान से सुनिए और निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिये.
  1. यह किस गाने की  धुन है (2 अंक). 
  2.  फिल्म का नाम (1 अंक) 
  3.  इस गाने का संगीत किसने दिया है. (1 अंक). 
  4.  गायक का नाम बताइए (1 अंक).

    इसके लिए कोई हिंट नहीं दिया जा रहा इस बार.


सवाल-3: मैं कौन हूँ  (4 अंक)
मैं एक मशहूर अभिनेत्री रही हूँ. मैंने अपना फ़िल्मी सफर मराठी फिल्मों से करा. मैं  फिल्म निर्माता और निर्देशिका भी रही हूँ. उन फिल्मों से मेरी बेटियों का हिन्दी फिल्म सफर प्रारम्भ हुआ और दोनों ही बहुत सफल अभिनेत्री रहीं. मेरी चार पीढियां फ़िल्मी परदे पर आ चुकी हैं. मैंने और मेरी बेटी दोनों ने इस दुनिया को कैंसर के कारण अलविदा कहा.
  1. मुझे पहचानिए (२ अंक)
  2. मेरी पहली पीढी के कलाकार का नाम बताइए (२ अंक)

सवाल-4: बूझो तो जाने (4 अंक)
हम आपको सुनवा रहे हैं एक गाने की सिर्फ एक लाइन.
  1. आपको गाने को पहचानना है (1 अंक)
  2. संगीतकार का नाम (2 अंक)
  3. फिल्म का नाम ( 1 अंक)



जवाब भेजने का तरीका


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 78" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 5 सितम्बर, शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।


पिछली पहेली का हल
 
प्रश्न 1: बाट चलत नई चुनरी रंग डाली , आर. सुदर्शनम और धनी राम, राजिन्दर कृष्ण
प्रश्न 2: प्रेम धवन , प्राइवेट सेकेट्री ,  अशोक कुमार (गाना - जा रे बेईमान तुझे जान लिया )
प्रश्न 3: यश चोपड़ा,सुधा मल्होत्रा, एन . दत्ता (गाना - कासे कहूं मन की बात )
प्रश्न 4: लाल मोहम्मद,  स्वामी रामानंद, के.एल.सहगल  (गाना - रानी खोल दे अपने द्वार, मिलने का दिन आ गया )
प्रश्न 5: शैलेन्द्र, मुकेश, सुनील दत्त और वहीदा रहमान    (गाना - मतवाली नार ठुमक ठुमक चली जाए)

पिछली पहेली के विजेता

सिने पहेली – 77 के विजेताओं के नाम और उनके प्राप्तांक निम्नवत हैं।


1- पंकज मुकेश, बैंगलुरु – 15 अंक

2- प्रकाश गोविन्द, लखनऊ – 15 अंक

3-विजय कुमार व्यास, बीकानेर - 12 अंक

4-क्षिती तिवारी , जबलपुर - 12 अंक 

5- चन्द्रकान्त दीक्षित, लखनऊ  – 6 अंक

6 - इन्दू  पुरी, चित्तोडगढ - 3 अंक 






आठवें  सेगमेण्ट का  स्कोरकार्ड





नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए ‘सिने पहेली महाविजेता'

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। सातवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...

4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम।


'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी cine.paheli@yahoo.com पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार।
  


प्रस्तुति : अमित तिवारी 


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