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ऑडियो: शेर और कवया (उदयन वाजपेयी) - उषा छाबड़ा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में  प्रियांकी मिश्रा के संस्मरण "मेघ" का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है उदयन वाजपेयी की रोचक बालकथा 'शेर और कवया', जिसे स्वर दिया है उषा छाबड़ा ने।

यह कहानी तक्षशिला प्रकाशन की पत्रिका साइकिल में प्रकाशित हुई थी। इसका कुल प्रसारण समय 9 मिनट 4 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितने सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं आदि को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


विचारक, अनुवादक, पत्रकार, और साहित्यकार उदयन वाजपेयी का जन्म 04 जनवरी 1960 को सागर (मध्य प्रदेश) में हुआ था।

कम-से-कम भारत में राष्ट्रवाद के उभरने के पीछे हमारा आधुनिकता की अन्ध-स्वीकृति और अपनी पारम्परिक दृष्टियों का उतना ही अन्धा तिरस्कार है।
~ उदयन वाजपेयी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“उस इलाके में कहानी कहने वाले को कवया कहा जाता है।" (उदयन वाजपेयी की कथा 'शेर और कवया' से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर लें:
शेर और कवया (उदयन वाजपेयी) MP3

#Third Story, Sher Aur Kavaya; Udayan Vajpeyi; Hindi Audio Book/2019/03. Voice: Usha Chhabra

Comments

Anita said…
भावपूर्ण कहानी, आदमी शब्दों पर जीता है और शब्दों से ही मारता है

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