रविवार, 9 नवंबर 2008

रॉक ऑन के सितारे जुटे बाढ़ राहत कार्य में

आवाज़ ने संगीतप्रेमियों से इस फ़िल्म की सिफारिश की थी, और आज यह फ़िल्म साल की श्रेष्ट फिल्मों में एक मानी जा रही है. फ़िल्म के संगीत का नयापन युवाओं को बेहद भाया. फरहान अख्तर ने बतौर अभिनेता और गायक अपनी पहचान बनाई. बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ के पीडितों के लिए मुंबई में अभी हाल ही में इस फ़िल्म के सितारों और संगीत टीम के सदस्यों ने जबरदस्त शो किया और इस नेक काम के लिए धन अर्जित किया. "मेरी लौंड्री का एक बिल..." गीत जब ऋतिक रोशन थिरके तो दर्शक समूह झूम उठा. "रॉक ऑन" का संगीत वास्तव में रोक्किंग है.


रविन्द्र जैन की वापसी

लंबे समय के बाद सुप्रसिद्ध गीतकार संगीतकार रविन्द्र जैन फ़िल्म संगीत में वापसी कर रहे हैं. ७ नवम्बर को राजश्री प्रोडक्शन के साथ उनकी नई फ़िल्म "एक विवाह ऐसा भी" प्रर्दशित हो रही है. रविन्द्र जी ने राजश्री फ़िल्म्स के साथ लगभग १७ फिल्मों में काम किया है. "अबोध" की असफलता के लगभग २० वर्षों के बाद फ़िल्म "विवाह" से रविन्द्र जी ने बड़जात्या परिवार के साथ अपनी वापसी की थी. अब "एक विवाह ऐसा भी" से भी इसी तरह की सफलता की दर्शकों और श्रोताओं को उम्मीदें हैं.


नदीम श्रवण की जोड़ी दिखायेगी फ़िर से कमाल

आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, सजन, दीवाना, राजा हिन्दुस्तानी और परदेस जैसी फिल्मों से ९० के दशक में संगीत जगत पर राज करने वाली संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण २००५ में हुए "स्प्लिट" के बाद अब फ़िर से एक होकर काम करेगी. धर्मेश दर्शन की "बावरा" और डेविड धवन की "डू नोट डिसटर्ब" होंगीं उनकी आने वाली फिल्में, जहाँ एक बार फ़िर क्रेडिट टाइटल में नदीम और श्रवण का नाम एक साथ देखा जाएगा. संगीत प्रेमियों के लिए यह निश्चित ही एक सुखद ख़बर है...उम्मीद करेंगें कि जतिन ललित की जोड़ी भी अपने मतभेद भूलकर एक साथ आयें जल्द ही...


एक दौर समाप्त

भारतीय फ़िल्म जगत के मशहूर निर्माता-निर्देशक बीआर चोपड़ा का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। फिल्मी दुनिया को 'नया दौर' देने वाले बलदेव राज चोपड़ा का जन्म 22 अप्रैल 1914 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। ‘दादा साहब फाल्के’ पुरस्कार से सम्मानित चोपड़ा ने धूल का फूल’, ‘वक़्त’, ‘नया दौर’, ‘क़ानून’, ‘हमराज’, ‘इंसाफ़ का तराज़ू’ और ‘निकाह’ जैसी कई सफल फ़िल्में बनाई। 'आवाज़' की विनम्र श्रद्धाँजलि!!


पं॰ भीमसेन जोशी को दिया जायेगा भारत-रत्न

सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी को सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने का फ़ैसला किया है. किराना घराने के ८६ वर्षीय भीमसेन ने महज़ १९ वर्ष की उम्र से गाना शुरू किया था। कर्नाटक के गडक ज़िले के एक छोटे से शहर में वर्ष १९२२ में जन्मे और मुख्य रूप से खयाल शैली और भजन के लिए मशहूर पंडित जोशी को वर्ष १९९९ में पद्मबिभूषण, १९८५ में पद्मभूषण और १९७२ में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

शनिवार, 8 नवंबर 2008

SIBM, पुणे के युवाओं का "जज्बा"

आज हिंद युग्मी दिव्य प्रकाश दुबे अपना २७ वां जन्मदिन मना रहे हैं, उनकी कविताओं से तो हम सब वाकिफ हैं, पर हम आपको बता दें कि उनका एक संगीत ग्रुप भी है- "जज्बा". जिसका बनाया हुआ ये गीत "आंगन में पंछी" हम चाहते थे कि हमारे वर्तमान सत्र का हिस्सा बनें, पर चूँकि ग्रुप के सभी छात्र अपनी पढ़ाई के अन्तिम दौर में हैं, इस कारण इस गीत को मुक्कमल तौर पर रिकॉर्ड नहीं कर पाये, पर एक preview के तौर पर इस शानदार गीत को आज हम यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं. साथ में है इस गीत का एक फोटो विडियो भी, जिसमें आप SIBM, पुणे के इन छात्रों की आँखों में बसे एक नए हिंद के सपनों को देख पायेंगें, और महसूस कर पायेंगें उस जज्बे को जिसको देखकर आपको अपनी इस नई पीढ़ी पर अवश्य गर्व होगा.

Presenting to you all

"The passion to live it up and the spirit to wear it on our sleeve"

Debut song of team Jazba



अब सवाल ये है कि जज़्बा आखिर है क्या तो जानिए ख़ुद दिव्य से -


जज़्बा में आभार दाधीच, शिखर रंजन, विकास और दिव्य प्रकाश ये चार लोग हैं जो की SIBM,Pune (सिम्ब्योसिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ बिज़नस मैनेजमेंट, पुणे ) में पढ़ रहे हैं| इसको कॉलेज का एक छोटा मोटा band कह लीजिये या एक साथ कुछ नया गढ़ने की ललक जो हम सबको एक साथ लायी. ये सपने देखने की उम्र है और ये गाना उस spirit की ही बात करता है, जो आज का नया भारत अपनी रगों में महसूस करता है, ये गाना उस सपने को जीने को कहता है.... इसीलिए इसका नाम Spirit of SIBM (symbiosis institute of business management) रखा गया | यहाँ पे पढ़ने वाले हर एक शख्स का यही सपना है की एक दिन वो अपने हिस्से की दुनिया में अपने बनाये हुए रंग भरेगा .... ये गाना उन सभी लोगों को समर्पित है जो सपने देखते हैं और उन सपनों को जीने की हिम्मत रखते हैं ....

आशा है ये आप सबको पसंद आयेगा
साभार
टीम "ज़ज्बा"



Spirit of SIBM (बोल)

आंगन में पंछी आए ख्वाब सजाने को
आँखों में सपने लाये ,कुछ कर दिखाने को
कुछ सपने पीछे छूटे पलकों पे आंसू बनके
कुछ अपने पीछे छूटे पलकों पे आंसू बनके
कुछ ख्वाब झांकते हैं आँखों में मोती बनके
कुछ वादे अपनों के हैं ,कुछ वादे अपने से
कल दुनिया महकेगी फूल जो आज खिलने को हैं ....2
खिलने दो रंगों को फूलों को अपने संग
महकेगी दुनिया सारी ,बहकेगी अपने संग
ख्वाबों के परवाजो से आसमान झुकाने को है........2
आंगन में पंछी आए ख्वाब सजाने को
आँखों में सपने लाये ,कुछ कर दिखाने को
क़दमों की आहट अपनी दुनिया हिला देगी
यारों की यारी अपनी हर मुश्किल भुला देगी
-दिव्य प्रकाश दुबे


Divya Prakash Dubey
SIBM Batch of 2007-09
dpd111@gmail.com

एक बार फ़िर "टीम ज़ज्बा" के सभी सदस्यों को हिंद युग्म परिवार की बधाइयाँ और दिव्य को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनायें.

सुनो कहानी: प्रेमचंद की "वरदान"

उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की लघु कहानी 'वरदान'

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रेमचंद की रचना 'कौशल' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रेमचंद की एक छोटी किंतु प्रेरणादायी कहानी "वरदान", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: तीन मिनट और बाईस सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए प्रेमचंद की एक नयी कहानी

माता! मैंने सैकड़ों व्रत रखे, देवताओं की उपासनाएं की, तीर्थयाञाएं की, परन्तु मनोरथ पूरा न हुआ। तब तुम्हारी शरण आयी। अब तुम्हें छोड़कर कहां जाऊं? तुमने सदा अपने भक्तो की इच्छाएं पूरी की है। क्या मैं तुम्हारे दरबार से निराश हो जाऊं? (प्रेमचंद की "वरदान" से एक अंश)



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#Twelfth Story, Vardaan: Munsi Premchand/Hindi Audio Book/2008/11. Voice: Anuraag Sharma

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