शनिवार, 9 नवंबर 2013

एक गरम चाय की प्याली हो, और साथ में 'सिने पहेली' हो.....

सिने पहेली – 87




'सिने पहेली' के सभी प्रतियोगियों औ़र पाठकों को सुजॉय चटर्जी का सप्रेम नमस्कार। दोस्तों, दीपावली के जाते ही मौसम ने जैसे करवट ले ली है। सुबह की नर्म धूप और गुलाबी सर्दी, सुबह का अखबार, गरम चाय का प्याला, शनिवार छुट्टी का दिन, और सामने कप्यूटर पर 'सिने पहेली'। सप्ताहन्त का इससे सुंदर शुरुआत और क्या सकती है भला, है न! चलिये, फिर देर किस बात की, प्रस्तुत करते हैं आज की पहेली...



आज की पहेली : अरे दीवानो, ये गाने पहचानो


आज आपको पहचानने हैं दो गीत A और B।

ये दोनों ही युगल गीत हैं लता जी के।

दोनों के पुरुष स्वर अलग हैं।

दोनों के गीतकार हैं आनन्द बक्शी और दोनों के ही संगीतकार हैं लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल।

A के पुरुष गायक वो हैं जिनके करीयर के शुरुआती दौर में जयदेव और रवीन्द्र जैन जैसे संगीतकारों का योगदान रहा।

B के पुरुष गायक वो हैं जो सलमान ख़ान के स्क्रीन वॉयस रह चुके हैं।

A के नायक फ़िल्मों में तो नाम नहीं कमा सके, पर टेलीविज़न पर ज़रूर राज किया।

A की नायिका भी टेलीविज़न धारावाहिक में दिख चुकी हैं।

B की नायिका के पुत्र ने इसी वर्ष फ़िल्मों में क़दम रखा है।

A और B, इन दो गीतों की एक सबसे बड़ी समानता यह है कि दोनों ही गीतों के इन्टरल्यूड में नृत्य के ताल गाये जाते हैं, जिन्हें न लता जी ने गाये हैं और न ही इन दो पुरुष गायकों ने। और न ही ताल गाने वाले गायकों को इन गीतों में क्रेडिट दिया गया है।

तो फिर बताइए A और B कौन से दो गीत हैं? आज की पहेली के कुल अंक हैं 10 (5+5)


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 87" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 14 नवंबर शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।




पिछली पहेली का हल

उत्‍तर 1.  जगमगाती दीवाली की रात आ गई....... (फिल्‍म - स्‍टेज)

उत्‍तर 2.  कैसे दीवाली मनायें हम लाला....... (फिल्‍म - पैगाम)

उत्‍तर 3.  एक वो भी दीवाली थी,  एक ये भी दीवाली है....... (फिल्‍म - नजराना)

उत्‍तर 4. आई अबकी साल दीवाली, मुंह पर अपने खून मले....... (फिल्‍म - हकीकत)

उत्‍तर 5. आई है दीवाली, सुनो जी घर वाली....... (फिल्‍म - आमदनी अट्ठन्नी खर्चा रूपया)




पिछली पहेली के विजेता

'सिने पहेली - 86' में इस बार कुल 4 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया, और सबसे पहले 100% सही जवाब भेज कर 'सरताज प्रतियोगी' बने हैं लखनऊ के श्री प्रकाश गोविंद। बहुत बहुत बधाई गोविंद जी, आपको।

और अब इस सेगमेण्ट के सम्मिलित स्कोर-कार्ड पर एक नज़र...




कौन बनेगा 'सिने पहेली' महाविजेता?


1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स। 

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जोड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेता के रूप में चुन लिया जाएगा। 

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। आठवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा-



4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम। महाविजेता को पुरस्कार स्वरूप नकद 5000 रुपये दिए जायेंगे, तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को दिए जायेंगे सांत्वना पुरस्कार।

तो आज बस इतना ही, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी 'सिने पहेली' में। लेकिन 'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के अन्य स्तंभ आपके लिए पेश होते रहेंगे हर रोज़। तो बने रहिये हमारे साथ और सुलझाते रहिये अपनी ज़िंदगी की पहेलियों के साथ-साथ 'सिने पहेली' भी, अनुमति चाहूँगा, नमस्कार!

प्रस्तुति : सुजॉय चटर्जी

शुक्रवार, 8 नवंबर 2013

'चिंगम' चबा के आया गोरी तेरे प्यार में

संगीतकार जोड़ी विशाल शेखर का अपना एक मुक्तलिफ़ अंदाज़ है. उनके गीतों में नयापन भी होता है और अपने ही किस्म की शोखी भी. अनजाना अनजानी, आई हेट लव स्टोरी और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के संगीत में हमें यही खूबी बखूबी नज़र आई थी. इस साल आई चेन्नई एक्सप्रेस में उनके गीत बेशक से कामियाब रहे पर उन्हें हम विशाल शेखर के खास अंदाज़ से नहीं जोड़ सकते. इसी कमी को पूरा करने के लिए ये जोड़ी लौटी है अपनी नई एल्बम गोरी तेरे प्यार में के साथ. आईये देखें क्या क्या लाये हैं विशाल शेखर अपने संगीत पिटारे में इस बार. 

आइटम रानी ममता शर्मा और मिका सिंह की जोशीली आवाज़ में आया है पहला गीत टून।  रिदम ऐसी है जो क़दमों को थिरकने पर मजबूर कर दे. ममता और मिका की आवाजों में पर्याप्त मस्ती और जोश है. निश्चित ही विशाल शेखर का निराला रूप जमकर बिखरा है इस शादी गीत में. 

अदिति सिंह शर्मा और सनम पुरी है मायिक के पीछे, पार्टी गीत धत तेरे की में. शब्द कुछ आपत्तिजनक अवश्य हैं और गीत की मस्ती और रिदम जबरदस्त है. पार्टी का मूड हो, मन और तेवर कुछ बागी से हों तो ये नया गीत लगाएं और जम कर नाचिये. एक और विशाल शेखर ट्रेड मार्क गीत. 

चिंगम गीत एल्बम का सबसे सधा हुआ गीत है जिसमें शंकर महादेवन की चटपटी आवाज़ को बहुत अच्छे से टक्कर दी है श्यामली खोलगडे ने. गीत का आरंभ जिस पीस से होता है उसी से खत्म भी होता है, ये बहुत ही बढ़िया पीस है, गीत का संयोजन भी एल्बम के अन्य गीतों से बेहतर है. जल्दी ही ये गीत श्रोताओं की जुबाँ पे चढा होगा इसमें कोई शक नहीं. 

कमाल खान और नीति मोहन की सुरीली आवाजों में तेरे नैना गीत बढ़िया है पर कुछ नया पेश नहीं करता। राहत मार्का इस सूफी गीत को कमाल ने बेशक बहुत बढ़िया निभाया है. नीति बहुत बाद में गीत का हिस्सा बनती है, पर इस गीत को कमाल का ही कमाल माना जाना चाहिए।

श्रुति पाठक और नितीश कदम का गाया दिल डफ्फर एक बार फिर विशाल शेखर के चिर परिचित अंदाज़ का गीत  है जहाँ नितीश की दबी आवाज़ पर श्रुति की मिठास भरी खुली खुली आवाज़ का विरोधाभास खूब जचता है. गीत का संयोजन सरल और मनभावन है. एल्बम के ने गीतों की तुलना में इस गीत के शब्द बेहतर हैं. 

एक बेहद अलग अंदाज़ का गुज्जू गीत है मोटो घोटालो, जहाँ शब्द चटपटे हैं और धुन नटखटी है. सुखविंदर की आवाज़ गीत की जान है. गुजराती शब्द का तडका बेहद सुहाता है. एल्बम में विशाल शेखर की हर एल्बम की तरह एक मेशअप भी है जो ठीक ठाक है पर उतना बढ़िया नहीं है जितना स्टूडेंट ऑफ द ईयर का था. बहरहाल एक बार फिर विशाल शेखर ने अच्छी वापसी की है. अन्विता गुप्तन, कौसर मुनीर, और कुमार के शब्द कुछ अनूठे न सही पर शायद फिल्म की कहानी की जरुरत अनुरूप हैं. 

एल्बम के बेहतरीन गीत - चिंगम, धत तेरे की, दिल डफ्फर
हमारी रेटिंग - ४/५         
      

बुधवार, 6 नवंबर 2013

खुशियों भरी दिवाली में गीतों की फुलझडियाँ

दोस्तों, हमें उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा यकीन है कि आप सब ने बेहद धूम धाम से दिवाली मनाई होगी, अपने अपने घरों में. चलिए एक बार फिर उन यादों को ताज़ा करें मीनू सिंह के साथ इस पोडकास्ट में जहाँ गीतों की लड़ियों से रोशन है आज की महफ़िल.


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