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गुड़िया रानी बड़ी सयानी (Gudiya Rani Badi Sayani)

अभी २ दिन पहले ही हमने वादा किया था कि बाल-रचनाओं का पॉडकास्ट लेकर हम आते रहेंगे। लीजिए हम फिर हाज़िर हैं। इस बार मीनाक्षी 'मीनू' ने बाल-उद्यान में प्रकाशित केशव कुमार कर्ण की कविता 'गुड़िया रानी बड़ी सयानी' को अपनी आवाज़ दी है।

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Comments

Pooja Anil said…
बहुत ही मीठी - मधुर कविता है, अपने बचपन की याद ताज़ा हो गयी, मेरी बेटी ने भी बड़े चाव से सुनी और मुझ से पूछा क्या वो भी मेरी गुडिया रानी है !!
पूजा अनिल
मीनू जी, संगीत अच्छा है और आवाज़ भी मधुर है। और बच्चों के लिये कविता भी अच्छी बनी है। पर मुझे लगा कि कहीं कहीं पर आप थोड़ा तेज़ बोल जाती हैं। दरअसल बच्चे जब इसे सुनेंगे तो जो हिस्सा तेज़ी से बोला गया होगा वो उन्हें समझने में दिक्कत होगी। काफी बार हमें जो गति सामान्य लगती है वो बच्चों के लिये तेज़ होती है। और यदि बच्चों तक ही ये बातें नहीं पहुँचेंगी तो सारी मेहनत बेकार है। आशा हे कि अगली बार थोड़ा और धीमा हो सकेगा। ये कार्य आप करते रहिये। बहुत अच्छा है।
धन्यवाद।
anju said…
कविता अच्छी है
और बोल भी अच्छे हैं
मीठी आवाज़
कहीं कहीं बहुत जल्दी से गया गया है
पसंद आई मगर
बधाई आपको
Meenakshi said…
प्रतिक्रियाएँ पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और याद आ जाते हैं पुराने दिनों मैं बच्चों की क्लास लेती थी.
आज मेरी क्लास लगती है तो अपने नवीं, दसवीं क्लास के विद्यार्थी याद आ जाते हैं जो ऐसे ही कभी कभी व्याख्या करते करते रोक देते
और कहते कि प्लीज़ टीचर, थोडा धीरे ...
पूजा जी, बहुत अच्छा लगा जानकर कि आपकी गुड़िया ने ध्यान से कविता सुनी. उसे खूब प्यार दीजिए.
तपन जी और अंजू जी, छोटे बच्चों की कविताएँ पढ़ने का पहला प्रयास है. कोशिश जारी है.
गुडिया रानी कमाल कर रही है...बच्चों के बीच धमाल कर रही है...अपनी मीठी मीठी वाणी से सबको....हर्षा हर्षा कर निहाल कर रही है.....
शोभा said…
मीनाक्षी मीनू जी
आपने बहुत मीठे स्वर मैं कविता पढी है. सुनकर आनंद आ गया. केशव जी को भी इतनी सुंदर कविता के लिए बधाई
आपकी आवाज़ में बच्चों को मोहित करने का ज़ादू है। एक-दो पद्यांशों में असावधानी के कारण प्रवाह बाधित हुआ है। आगे से इन कमियों पर ध्यान दें।
pooja anil said…
धन्यवाद मीनू जी , आपका स्नेह मेरी गुडिया तक पहुँच गया , आपको हमारी ओर से बहुत -बहुत शुभकामनाएं
पूजा अनिल
आवाज़ और संगीत का सुन्दर मिश्रण है
sahil said…
मीनू जी क्या कहने आपके,मजा आ गया
आलोक सिंह "साहील"
praveen said…
sorry i can not wright in hindi at present, but i really like these kavitas a lot and my little daughter mishthi got the khazana of kavitas, now i will make her listen all these kavitas
thanks !
praveen shukla
delhi,

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