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Wednesday, April 23, 2014

टूटे तारे उठा ले...उनसे चंदा बना ले...प्रेरणा के स्वर पोपोन की आवाज़ में

ताज़ा सुर ताल --2014-18

सुन री बावली तू अपने लिए, खुद ही मांग ले दुआ, कोई तेरा न होना... केश में सूरज खोंस के चलना, कभी कोई रात मिले न  .... ये हों वो ऊर्जामयी शब्द जो नागेश कुकनूर की मर्मस्पर्शी फिल्म लक्ष्मी  में नायिका की प्रेरणा बन जाता है. मनोज यादव के लिखे इस बेमिसाल गीत को अपनी आवाज़ और सशक्त अभिव्यक्ति से निखारा है आज के दौर के सबसे जबरदस्त गायकों में से एक अंगराग महंता ने जिसे हम सब पोपोन के नाम से अधिक जानते हैं. हम फिल्म की चर्चा पीछले हफ्ते भी कर चुके हैं, आपको बता दें कि एक सेंसर से चली एक लम्बी जंग के बाद अधिर्कार इस माह ये फिल्म प्रदर्शित हो ही गयी मगर केवल सीमित सिनेमा घरों में ही. फिल्म में नागेश ने खुद भी एक अहम् भूमिका की है, साथ ही सतीश कौशिक, राम कपूर और शेफाली छाया (शाह) भी हैं मगर शीर्षक भूमिका मोनाली ने कमाल का काम किया है, कभी मौका लगे तो देखिएगा इस फिल्म को. 

फिल्म के सभी गीत पार्श्व संगीत का हिस्सा अधिक हैं, और फिल्म का पार्श्व का पूरा जिम्मा तापस ने उठाया है. अहमदाबाद से मुंबई आये तापस रेलिया को सबसे पहले मौका दिया विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म फरारी की सवारी  में. नागेश कुकनूर के साथ भी तापस पहले काम कर चुके थे, यही वो कारण रहा उनके इस गठबंधन की सफलता का भी. सुन री बावली  देश की हर महिला के लिए एक एंथम सरीखा गीत है. लीजिये सुनिए और जोश से भर जाईये. 

Wednesday, April 16, 2014

सुन सुगना रे...तापस रेलिया का रचा एक मधुर गीत

ताज़ा सुर ताल -2014 -16

दोस्तों कुछ फिल्मों ऐसी होती हैं जो ह्रदय को चीर जाती है, आपकी संवेदनाओं को इस कदर कुरेद जाती है कि फिल्म खत्म होने के बाद देर तक आपका मन रोता रहता है. नागेश कुकनूर एक ऐसे निर्देशक हैं जो फ़िल्में बनाते हैं ताकि समाज मनोरजन की खुमारी को छोड़ कभी कभी सच का आईना भी देखें सिनेमा के अन्धकार भरे हॉल में बैठकर. उनकी ताज़ा फिल्म "लक्ष्मी" मानव तस्करी पर एक विवेचनात्मक अभिव्यक्ति है. एक 13 साल की मासूम बच्ची को वैश्यावृति के दलदल में धकेल दिया जाता है और कैसे वो नन्हीं जान हिम्मत के साथ उन परिस्तिथियों का सामना करती है यही इस पौने दो घंटे की फिल्म बेहद सच्चाई के साथ दर्शाया गया है. 

जब मैंने ये फिल्म देखी तो मुझे अंदाजा नहीं था कि फिल्म में एक संगीत पक्ष भी होगा, हालाँकि फिल्म की नायिका के रूप में चयन किया गया है मोनाली ठाकुर (संवार लूं - लूटेरा) का. इन्डियन आइडल के गलियारों से निकल मोनाली ने पार्श्वगायन के साथ साथ अभिनय में भी अपनी सशक्त उपस्तिथि दर्ज कराई है. फिल्म की एल्बम में कुल ४ गीत हैं जिसमें से सिर्फ एक ही मोनाली के हिस्से आया है. फिल्म के सभी गीत एक से बढ़कर एक हैं, फिल्म के बारे में कुछ और बातें आपसे बांटूंगा पर आज सुनवाता हूँ ये गीत जिसमें सुगना (तोता) का प्रयोग हुआ है एक अरसे बाद (एक पुराना गीत याद आता है जा जा रे सुगना जा रे...). गीत को स्वरबद्ध किया है तापस रेलिया ने, और गाया है सूचि और अंकिता यादव ने, शब्द हैं मनोज यादव के.


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