गुरुवार, 17 मार्च 2016

जब एक "मुक्कमल शायर" की तलाश कमाल अमरोही को ले आई निदा फाजली तक

दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित "कहकशां" और "महफिले ग़ज़ल" का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर हैं, महफिले कहकशां के रूप में. पूजा अनिल और रीतेश खरे के साथ अदब और शायरी की इस महफ़िल में सुनिए वो मशहूर किस्सा, जब कमाल अमरोही एक मुक्कमल शायर को ढूंढते ढूंढते जा पहुंचें निदा फाजली तक, और शुरू हुआ निदा फाजली का फ़िल्मी सफ़र. उम्मीद है हमारी ये प्रस्तुति आपको पसंद आएगी

बुधवार, 16 मार्च 2016

मैं बचपन में अपने बेस्ट फ्रेंड की लिखी कवितायेँ पढता था - रत्न नौटियाल - एक मुलाक़ात ज़रूरी है


उभरते हुए गीतकार रत्न नौटियाल हैं, हमारे आज के मेहमान, कार्यक्रम "एक मुलाक़ात ज़रूरी है" में. सुनिए उत्तरांचल से मुंबई पहुंचें इस युवा गीतकार की अब तक की कहानी, उन्हीं की जुबानी...

मंगलवार, 15 मार्च 2016

लेम्बरेटा, नन्हीं परी और एक ठिठकी शाम ऑडियो कथा


लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने माधवी चारुदत्ता के स्वर में स'आदत हसन मंटो की कथा "कुत्ते की दुआ" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, प्रसिद्ध साहित्यकार और भारतीय सैनिक अधिकारी कर्नल गौतम राजऋषि की कथा लेम्बरेटा, नन्हीं परी और एक ठिठकी शाम, स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

रेडियो प्लेबैक इंडिया की ओर से गौतम जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें

राष्ट्रीय पहचान वाली पत्रिका हंस में प्रकाशित हो चुकी इस कहानी लेम्बरेटा, नन्हीं परी और एक ठिठकी शाम का गद्य पाल ले इक रोग नादां पर उपलब्ध है। कुल प्रसारण समय 19 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



हवा जब किसी की कहानी कहे है
नये मौसमों की जुबानी कहे है
फ़साना लहर का जुड़ा है ज़मीं से
समुन्दर मगर आसमानी कहे है
~ गौतम राजऋषि

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"नहीं, गणित में कभी कमजोर नहीं रहा वो। लेकिन इस दिनों, महीनों और सालों के हिसाब से अभी फिलहाल बचना चाहता था।”
 (कर्नल गौतम राजऋषि की कथा "लेम्बरेटा, नन्हीं परी और एक ठिठकी शाम" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
लेम्बरेटा, नन्हीं परी और एक ठिठकी शाम MP3

#Eighth Story, Lambretta, Nanhi Pari aur Ek Thithaki Shaam: Gautam Rajrishi/Hindi Audio Book/2016/8. Voice: Pooja Anil

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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