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Tuesday, October 7, 2008

जानिए ज़ोरबा के माने पेरुब से

सूफी रॉक संगीत के नए पहरुए हैं लुधिआना के पेरुब और उनके जोडीदार जोगी सुरेंदर और अमन दीप कौशल. "ज़ोरबा" ग्रुप के इन पंजाबी मुंडों का नया गीत "डरना झुकना" इन दिनों आवाज़ पर धूम मचा रहा है. आवाज़ के लिए अर्चना शर्मा ने की उनसे एक ख़ास मुलकात. पेश है उसी संवाद के ये अंश -



पेरुब, संगीत को जीवन मार्ग बनाने की प्रेरणा किससे मिली आपको ?

संगीत की प्रेरणा मुझे मेरी माता जी ने और मेरे बड़े भाइयों ने दी ......

कितना समय हो गया आपको संगीत को अपना कैरियर बनाये हुए ?

इस क्षेत्र मैं मुझे तकरीबन आठ साल से जयादा हो गए हैं ...........

आपके गुरु कौन रहे ? मतलब संगीत की तालीम आपने किससे ली ?

गुरु तो बहुत हैं संगीत के .... मगर संगीत की सही शिक्षा मैंने प्रोफ. मनमोहन सिंह जी से ...प्रोफ. श्री. शान्ति लाल जी से और संत मोहन सिंह, सुखदेव सिंह नामधारी जी से प्राप्त की .....

ज़ोरबा का क्या अर्थ है पेरुब ?

ज़ोरबा का अर्थ है जो नाच सके बिना ताल के, जो गा सके बिना साज़ के, जो संसार के हर रंग में रहते हुए, संसार से, जिसको अलग हो जाना है बिना कुछ किए....हर आदमी ज़ोरबा ही है " who is going to be buddha, is zorba " इस से जयादा कहना मुश्किल होगा .....वैसे ज़ोरबा हम ने आपने बैंड ग्रुप का नाम रखा है ...जोगी और मैं दोनों एक साथ स्कूल मैं ही पड़ते थे .जोगी पहले से ही गाता था. जोगी अमन और मैं एक ही गुरुजनों से सीखे हुए हैं . यूँ कहें की हम गुरुभाई है . जोगी अमन और मैं बचपन के ही दोस्त हैं और हम तीनो को बचपन से ही संगीत मैं रुची थी और अब यही profession बन गया है हम सबका.

आपने अब तक के सफर के बारे में एक संक्षित सा ब्यौरा दीजिये पेरुब ?

मेरा जन्म १९८१ मैं लुधिअना हुआ और बचपन की शिक्षा आपने माता पिता से दादी से और शहर के स्कूल से ही प्राप्त की, बाद मैं प्राइवेट कॉलेज मैं बी.बी.ए. से ड्राप आउट हूँ :-).........स्कूल मैं रहते ही संगीत से बहुत लगाव था...संगीत का सफर भी स्कूल से शुरू हो गया था .......पिता जी के देहान्त के बाद काफी कुछ बदल गया और फिर मुझे आपने पैरों पर जल्दी ही खड़ा होना था..........सो तब से लेकर आज तक struggle चल रही है.......

आपका झुकाव सूफियाना संगीत की तरफ ज्यादा है, कोई ख़ास वजह ?

वैसे तो हर किस्म का संगीत सुनना पसंद करता हूँ : जहाँ तक सूफी म्यूजिक का सवाल है, इस का कारण बताना मुश्किल है : बस यही कहूँगा की मेरे दिल को जल्दी छू लेता है...............

पहला सुर से पहले क्या आपकी कोई और भी एल्बम आयी है ?

पहला सुर एल्बम से पहले मैंने ९ धार्मिक एल्बमस (हिन्दी,पंजाबी दोनों) और २ documentries फिल्मों (जैन धरम पर आधारित) और ११ पंजाबी गानों में संगीत दिया ..........

कैसा रहा हिंद युग्म के साथ काम करने का अनुभव ?

हिन्दयुग्म के साथ काम करके मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं चाहता हूँ की जो भी वह सब प्रयास कर रहे है, उसमे वह सफल हों

भविष्य की योजनायें क्या है ?

आने वाले सालों मैं मेरी यही कोशिश है की अच्छा संगीत लोगो तक पंहुचा सकूँ जो दिल को सुकून दे सके .............


संगीत के अलाव और क्या क्या करना पसंद है ?

संगीत के अलावा मुझे घूमने और नई जगहों पर जाना पसंद है , हाँ कुछ पुस्तकें पढने का भी शौंक है..........

अपने श्रोताओं और चाहने वालों के नाम कोई संदेश ?

बस यही कहूँगा की अच्छा सुने अच्छा गायें और अच्छा सुनायें ..

पेरुब और उनकी टीम को हिंद युग्म की तरफ़ से भी बहुत सी शुभकामनायें. आईये एक बार फ़िर से आनंद लें उनके इस नये गीत "डरना झुकना छोड़ दे" का (गीत को सुनने के लिए नीचे के पोस्टर पर क्लिक करें)
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Friday, October 3, 2008

है मुमकिन वो करना तुझे, जो नामुमकिन दुनिया कहे...

दूसरे सत्र के चौदहवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

"पहला सुर" एल्बम में अपने सूफी गीत "मुझे दर्द दे" से धूम मचाने वाले पंजाबी मुंडे एक बार फ़िर लौटे हैं नए सत्र में, एक नए गीत "डरना झुकना छोड़ दे" लेकर. पेरुब के नेतृत्व में जोगी सुरेंदर और अमनदीप कौशल ने गाया है इसे और सजीव सारथी ने लिखे हैं बोल इस नए गीत के. इस गीत के मध्यम से पेरुब एक संदेश देना चाहते हैं आज के युवा वर्ग को उन्हें उम्मीद है कि उनका यह प्रयास हमारे श्रोताओं को पसंद आएगा.

The team of sufiyaana singers from ludhiana is back with a bang, Perub composed this new song "darna jhukna" penned by Sajeev Sarathie and sung by Jogi Surender and Aman Deep Kaushal along with Perub.This song has a strong massage for new generation of India, that is way Perub wants this song to be opened a day after Gandhi jayanti. So here we present the song for all our audience. please spare a few moment to give your valuable comment/suggestion about this brand new song

तो लीजिये प्रस्तुत है ये नया गीत, जो दो संस्करण में है. पहला है क्लब मिक्स और दूसरा है पंजाबी तड़का (जिसमें ढोलक और तबला का अतिरिक्त प्रभाव दिया गया है). पेरुब और उनकी टीम को आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार रहेगा.

डरना झुकना ....( क्लब मिक्स )



डरना झुकना... ( पंजाबी तड़का )





गीत के बोल - lyrics

डरना झुकना छोड़ दे,
सब जंजीरें तोड़ दे,
आ चल अपने इस जोश में,
अब तूफानों को मोड़ दें...
यारा वे.....

जुल्म भला अब क्यों सहें,
चुप बे - वजहा क्यों रहें,
आवाज़ उठा अब बात कर,
आँखों में ऑंखें डाल कर

यारा वे...

खोल दरीचे सोच के,
राहें नई चुन खोज के,
सब झूठे आडम्बर हटा,
तू भेद भाव सारे मिटा,

यारा वे...

ताक़त अपनी जान ले,
ख़ुद को तू पहचान ले,
है मुमकिन वो करना तुझे,
जो नामुमकिन दुनिया कहे,

यारा वे...

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

डरना झुकना ....( क्लब मिक्स )




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


डरना झुकना... ( पंजाबी तड़का )




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


SONG # 14, SEASON # 02, "DARNA JHUKNA CHOD DE" OPENED ON AWAAZ HIND YUGM ON 03/10/2008.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion.

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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