Showing posts with label mat maro sham pichkaree. Show all posts
Showing posts with label mat maro sham pichkaree. Show all posts

Sunday, April 22, 2012

२२ अप्रैल- आज का गाना



गाना: मत मारो शाम पिचकारी

चित्रपट: दुर्गेश नन्दिनी
संगीतकार:हेमंत कुमार
गीतकार:राजिंदर कृष्ण
स्वर: लता






मत मारो शाम पिचकारी
मोरी भीगी चुनरिया सारी रे...

नाजुक तन मोरा रंग न डारो शामा
अंग-अंग मोर फड़के
रंग पड़े जो मोरे गोरे बदन पर
रूप की ज्वाला भड़के
कित जाऊँ मैं लाज की मारी रे
मत मारो शाम...

काह करूँ कान्हा, रूप है बैरी मेरा
रंग पड़े छिल जाये
देखे यह जग मोहे, तिरछी नजरिया से
मोरा जिया घबराये
कित जाऊँ मैं लाज की मारी रे
मत मारो शाम...




The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ