Showing posts with label kambal ke neeche. Show all posts
Showing posts with label kambal ke neeche. Show all posts

Friday, April 25, 2014

'कम्बल के नीचे' हैं घई साहब के गीतों की झांकी

ताज़ा सुर ताल -2014 -19 

सुभाष घई की नयी फिल्म कांची  प्रदर्शन को तैयार है. फिल्म में कुल 9 गीत हैं, जिनमें बेहद मुक्तलिफ़ रंग भरे हैं फिल्म के संगीतकार इस्माईल दरबार और सलीम सुलेमान ने. दरबार के बेटे ज़ैद दरबार ने भी सुभाष घई साहब के सहायक निर्देशक का जिम्मा उठाया है फिल्म के लिए. जैसे की हम आपको बता चुके हैं, फिल्म का एक गीत खुद घई साहब ने स्वरबद्ध किया है. गीतकार हैं इरशाद कामिल. 

इस फिल्म का आज जो गीत हम सुनवा रहे हैं वो दरअसल एक पैरोडी है जो ट्रिब्यूट है देश के सबसे बड़े शो मैंन सुभाष घई को. कम्बल के नीचे  सुनते ही आपको चोली के पीछे  याद आ जायेगा और याद आ जायेगीं घई की एक के बाद एक बनी हिट फ़िल्में और उनके जबरदस्त गीत. ताल  भी परदेस  भी तो कहीं खलनायक  भी नज़र आ जायेगें. संचिता भट्टाचार्य, नीति मोहन और ईश्वरीय मजूमदार के गाया ये गीत मस्ती से भरपूर है. लीजिये यादों के झरोखों से पायें घई साहब की हिट फिल्मों के दौर की झलक.    

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ