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काजल कुमार की लघुकथा आढ़तिया

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में उषा छाबड़ा की लघुकथा "बचपन का भोलापन" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं काजल कुमार लिखित लघुकथा आढ़तिया, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी आढ़तिया का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 45 सेकंड है। इसका गद्य कथा-कहानी ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

कवि, कथाकार और कार्टूनिस्ट काजल कुमार के बनाए चरित्र तो आपने देखे ही हैं। उनकी व्यंग्यात्मक लघुकथायेँ "समय", "एक था गधा", "ड्राइवर", "लोकतनतर", और कुत्ता आप पहले सुन चुके हैं। काजल कुमार दिल्ली में रहते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"कमाई इतनी भी नहीं हो रही थी कि खर्च निकल आए।”
 (काजल कुमार की लघुकथा "आढ़तिया" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
आढ़तिया MP3

#Twenty Second Story, Adhatiya; Kajal Kumar; Hindi Audio Book/2015/22. Voice: Anurag Sharma

Comments

Anita said…
aakhir bhagvaan hii kaam aate hain..
वाह क्‍या बात है. कहानी को स्‍वर देने के लि‍ए आपका वि‍नम्र आभार.
Jay dev said…
बहुत अच्छा |
Unknown said…
बहुत सुंदर कहानीको वाचा देकर रसमय बनाया ।