Skip to main content

बकरी दो गाँव खा गई ~ हरिकृष्ण देवसरे

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अभिषेक ओझा की दार्शनिक कहानी "संयोग" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं डॉ. हरिकृष्ण देवसरे की कहानी "बकरी दो गाँव खा गई", अर्चना चावजी की आवाज़ में।

कहानी "बकरी दो गाँव खा गई" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 52 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



प्रसिद्ध लेखक हरिकृष्ण देवसरे विज्ञान प्रसार से जुड़े हैं

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"एक आदमी आगरा की सड़कों पर रोता चिल्लाता घूम रहा था।"
(हरिकृष्ण देवसरे की "बकरी दो गाँव खा गई" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बकरी दो गाँव खा गई MP3
#34th Story, Bakri do gaon kha gai : Hari Krishna Devsare/Hindi Audio Book/2011/34. Voice: Archana Chaoji

Comments

Archana Chaoji said…
धन्यवाद .... एक अच्छी कहानी को सहेजने के लिए ....
Smart Indian said…
रोचक कहानी, बढ़िया पाठ!