Skip to main content
"बाबुल गीत के लिए मैं जब भी मिलती हूँ, प्रसून को बधाई देती हूँ"- शुभा मुदगल : एक मुलाकात ज़रूरी है
एक मुलाकात ज़रूरी है (25)
दोस्तों, आज हम आ पहुंचे हैं अपने पसंदीदा कार्यक्रम "एक मुलाकात ज़रूरी है" के पच्चीसवें यानी सिल्वर जुबली एपिसोड पर, और ये हमारा सौभाग्य है कि इस ग्रेंड एपिसोड में हमारे साथ हैं हमारे देश की सबसे सुरीली, और मधुरतम आवाजों में से एक शुभा मुदगल जी. गायकी की दुनिया के सबसे रोशन सितारों में एक, शुभा जी के साथ इस ख़ास मुलाक़ात ने हमारे इस आयोजन को एक अलग ही बुलंदी दे दी है. मिलिए शुभा जी से और सुनिए उनके गाये गीतों की सुरीली कहानियां....
एक मुलाकात ज़रूरी है इस एपिसोड को आप यहाँ से डाउनलोड करके भी सुन सकते हैं, लिंक पर राईट क्लीक करें और सेव एस का विकल्प चुनें
Comments
शुभा जी के श्री मुख से उनके संगीत सफ़र के दौरान हुए अनुभवों को सुन के ज़ाहिर है जानकारियों और ज्ञान में बढ़ोत्तरी हुई.
मैंने आज तक उन्हें लाइव तो नहीं सुना, पर सजीव जी ने मेरी फ़रमाइश इस आभासी मंच पर एह्सासी सौगात दे कर पूरी कर दी.
शुक्रिया सजीव जी, नैनों की भाषा शुभा जी के स्वर में सुनवाने के लिए!