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Film Review || Milestone || Meel Pathar || Netflix || Ahwaan Padhee || Susheel P || Ivan Ayr



#milestone, #meelpathar, Ahwaan Padhee, Susheel Pandompadam , Ivan Ayr , @neelmanikantenterprises , Mohinder Gujral , Lakshvir Singh Saran , Pavitra Mattoo , Netflix
कुछ फिल्में परदे पर लिखी एक कविता की तरह होती है, ये निर्देशक की संवेदनशीलता है जो किसी किरदार की कहानी को उसके हर मर्म को दर्शकों से जोड़ देती है, मोहिनदर गुजराल और लक्षविर सारण अभिनीत नेटफलिक्स फिल्म माईलस्टोन या मील पत्थर को निर्देशित किया है इवान अयर ने, आज इसी फिल्म की समीक्षा कर रहे हैं सुशील और रेडियो प्लेबैक इंडिया के लिए इस इंग्लिश समीक्षा को लिखा है आह्वान पधी ने।


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भला हुआ मेरी मटकी फूटी.. ज़िन्दगी से छूटने की ख़ुशी मना रहे हैं कबीर... साथ हैं गुलज़ार और आबिदा

महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

काफी थाट के राग : SWARGOSHTHI – 220 : KAFI THAAT

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‘बरसन लागी बदरिया रूमझूम के...’ : SWARGOSHTHI – 180 : KAJARI

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