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गीत अतीत 15 || हर गीत की एक कहानी होती है || कारे कारे बदरा || ब्लू माउंटेन्स || सुनील सिरवैया

Geet Ateet 15
Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Kaarey Kaarey Badra
Blue Mountains
(Monty Sharma, Shreya Ghoshal, Yatharth Ratnum)
Sunil Sirvaiya- Lyricist

"गीत के आरंभ में जो सरगम है, वो मोंटी जी ने वहीँ स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के दौरान ही स्वरबद्ध किया..." - सुनील सिरवैया 
जानिये फिल्म ब्लू माउंटेन्स के गीत "कारे कारे बदरा" के बनने की कहानी गीतकार सुनील सिरवैया से, संगीत है मोंटी शर्मा का और आवाजें हैं श्रेया घोषाल और यथार्थ रत्नम की... प्ले पर क्लिक करे और सुनें ....



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भला हुआ मेरी मटकी फूटी.. ज़िन्दगी से छूटने की ख़ुशी मना रहे हैं कबीर... साथ हैं गुलज़ार और आबिदा

महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सू फ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता है ऊंचा ही उठता है, तरह तरह से अंत-आनन्द की बात करते हैं| कबीर के यहां, ये खयाल कुछ और करवटें भी लेता है, एक बे-तकल्लुफ़ी है मौत से, जो जिन्दगी से कहीं भी नहीं| माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे । एक दिन ऐसा आयेगा, मैं रोदुंगी तोहे ॥ माटी का शरीर, माटी का बर्तन, नेकी कर भला कर, भर बरतन मे पाप पुण्य और सर पे ले| आईये हम भी साथ-साथ गुनगुनाएँ "भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे"..: भला हुआ मेरी मटकी फूटी रे । मैं तो पनिया भरन से छूटी रे ॥ बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय । जो दिल खोजा आपणा, तो मुझसा बुरा ना कोय ॥ ये तो घर है प्रेम का, खाला का घर नांहि । सीस उतारे भुँई धरे, तब बैठे घर मांहि ॥ हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को हुशारी क्या । रहे आज़ाद या जग से, हमन दुनिया से यारी क्या ॥ कहना था सो कह दिया, अब कछु कहा ना जाये । एक गया सो जा रहा, दरिया लहर समाये ॥ लाली मेरे लाल की, जित देखूं तित लाल । लाली देखन मैं गयी, मैं भी हो गयी लाल ॥ हँस हँस कु...

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