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रुद्राभिषेक - सौरभ चतुर्वेदी

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने मोनिका गुप्ता के स्वर में उन्हीं की लघुकथा "मुसीबत मोल ली मैंने" का पाठ सुना था।

आज हम आपका परिचय एक नए लेखक से करा रहे हैं। आज आपकी सेवा में प्रस्तुत है, सौरभ चतुर्वेदी लिखित हृदयस्पर्शी कथा रुद्राभिषेक, अर्चना चावजी के स्वर में।

इस कहानी रुद्राभिषेक का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

साहित्य केवल मानसिक भूख को शान्त ही नहीं करता बल्कि मनुष्य को 'मनुष्य' के रुप में परिवर्तित भी करता है-सौरभ चतुर्वेदी

पूर्वांचल बैंक की हल्दी (बलिया, उ॰प्र॰) शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत उदीयमान लेखक सौरभ चतुर्वेदी का जन्म 27 फरवरी सन् 1990 को श्रीमती नीलिमा चौबे व श्री शशिभूषण चौबे के परिवार में हुआ था। वे स्नातकोत्तर (हिन्दी साहित्य) में अध्ययनरत हैं और स्वतंत्र रुप से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ ऑनलाइन  नियमित लेखन करते हैं।
आत्मकथ्य-साहित्य के द्वारा भावना दया प्रेम सहिष्णुता इत्यादि मानवीय गुणों का प्रसारण

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"दो दिन पहले घर लौटते समय एक ट्रक के नीचे आ गया ... डॉक्टर कहते हैं सारा खून बह गया है ... कोमा में है।”
 (सौरभ चतुर्वेदी की कथा "रुद्राभिषेक" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
रुद्राभिषेक MP3

#Fourteenth Story, Rudrabhishek; Saurbh Chaturvedi; Hindi Audio Book/2015/14. Voice: Archana Chaoji

Comments

Archana Chaoji said…
आभार !
इस कहानी को ये मंच देने के लिए ...
Smart Indian said…
आप दोनों का धन्यवाद और शुभकामनायें!
AVADH said…
एक अच्छी प्रस्तुति.
धन्यवाद सौरभ जी. आपकी लेखनी उत्तरोत्तर सशक्त हो ऐसी शुभकामनाएं.
अर्चना जी के मधुर और भावपूर्ण कथापाठ ने चार चाँद लगा दिए.
एक बार पुनः आभारसहित,
अवध लाल