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ज्योति - प्रेमचंद

सुनो कहानी: प्रेमचंद की "ज्योति"
दीपावली शुभ हो! आपका जीवन ज्योतिर्मय हो!
'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार इस्मत चुगताई की मार्मिक कहानी "चौथी का जोड़ा" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं मुंशी प्रेमचंद की कहानी "ज्योति", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 22 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

रुपिया उसके सिरहाने आकर बोली-सो गए क्या मोहन? घड़ी-भर से तुम्हारी राह देख रही हूँ। आये क्यों नहीं?
(प्रेमचंद की "ज्योति" से एक अंश)



नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3; Ogg Vorbis
#Fourty Second Story, Jyoti: Premchand/Hindi Audio Book/2009/36. Voice: Anurag Sharma

Comments

एक और दिलचस्प कहानी, अनुराग जी दीपावली की ढेरों शुभकामनाएँ
एक अच्‍छी कहानी सुनाने के लिए धन्‍यवाद !!
पल पल सुनहरे फूल खिले , कभी न हो कांटों का सामना !
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे , दीपावली पर हमारी यही शुभकामना !!
Suman said…
दीपावली, गोवर्धन-पूजा और भइया-दूज पर आपको ढेरों शुभकामनाएँ!
आपको दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई.
दीपक भारतदीप
आप को ओर आप के परिवार को दीपावली की शुभकामनाऐं"
Manju Gupta said…
हिंद -युग्म के परिवार और सभी पाठक को दिवाली की हार्दिक बधाई .सभी के जीवन में प्रेम ,मैत्री सौहार्द -समृधि का उजाला भर जाए .
Shamikh Faraz said…
बहुत ही दिलचस्प कहानी प्रेमचंद जी की. सुनवाने के लिए हिन्दयुग्म का आभारी. साथ सभी लोगो को दीवाली की मुबारकबाद.

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