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पंचलाइट - रेणु

सुनो कहानी: फणीश्वर नाथ "रेणु" की "पंचलाइट"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने नितिन व्यास की आवाज़ में हरिशंकर परसाई की कहानी "बोर" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं हिंदी साहित्यकार पद्मश्री फणीश्वर नाथ "रेणु" की प्रसिद्ध आंचलिक कहानी "पंचलाइट", जिसको स्वर दिया है कवि, आयोजक, गायक, व्यंग्यकार एवं रंगकर्मी शरद तैलंग ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 2 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।





अपने घर की ढिबरी को भी बिजली-बत्ती कहेंगे और दूसरों के पंचलैट को लालटेन।
~ फणीश्वर नाथ "रेणु" (1921-1977)


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी


गोधन ने एक बार मुनरी की और देखा। मुनरी की पलकें झुक गयीं।
(फणीश्वर नाथ "रेणु" की "पंचलाइट" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3


#Fourtieth Story, Panch-Light: Faneeshwar Nath Renu/Hindi Audio Book/2009/34. Voice: Sharad Tailang

Comments

बहुत सुन्दर कहानी पहले नहीं सुनी थी धन्यवाद्
Manju Gupta said…
कहानी नही सुनाई दी . शरद जी को नहीं सुन पाए .
Shamikh Faraz said…
बढ़िया कहानी. पहली बार सुनी मैंने.