शुक्रवार, 15 सितंबर 2017

गीत अतीत 30 || हर गीत की एक कहानी होती है || बावली बूच || लाल रंग || दुष्यंत || रणदीप हूडा

Geet Ateet 30
Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Bawali Booch
Laal Rang
Dushyant
Also featuring Mathias Duplessy & Vikas Kumar


"जो पहला ड्राफ्ट मैंने लिखा था, उसमें बावली बूच  शब्द नहीं था " -    दुष्यंत 

रणदीप हूडा अभिनीत फिल्म लाल रंग पिछले साल प्रदर्शित हुई थी और अपने अलग विषय चयन के लिए काफी चर्चित हुई थी, फिल्म का एक गीत 'बावली बूच' श्रोताओं को खूब पसंद आया था, आज गीत अतीत पर इस गीत के गीतकार दुष्यंत हैं हमारे साथ इस गीत की कहानी लेकर. दोस्तों ये गीत अतीत के इस पहले सीसन का अंतिम एपिसोड है, उम्मीद है ३० गीतों की ३० दिलचस्प कहानियों का आपने भरपूर आनंद लिया होगा... लीजिये आज के अंतिम एपिसोड में सुनिए, कहानी बावली बूच की, गीतकार दुष्यंत की जुबानी....प्ले पर क्लिक करें और सुनें....



डाउनलोड कर के सुनें यहाँ से....

सुनिए इन गीतों की कहानियां भी -
हौले हौले (गैर फ़िल्मी सिंगल)
कागज़ सी है ज़िन्दगी (जीना इसी का नाम है) 
बेखुद (गैर फ़िल्मी सिंगल)
इतना तुम्हें (मशीन) 
आ गया हीरो (आ गया हीरो)
ये मैकदा (गैर फ़िल्मी ग़ज़ल)
पूरी कायनात (पूर्णा)
दम दम (फिल्लौरी)
धीमी (ट्रैपड) 
कारे कारे बदरा (ब्लू माउंटेन्स)
रेज़ा रेज़ा (सलाम मुंबई)
रिश्ता (लाली की शादी में लड्डू दीवाना)
जियो रे बाहुबली (बाहुबली 2 द कांकलूशन)
ओ रे कहारों (बेगम जान)
लॉस्ट विथआउट यू (हाफ गर्लफ्रेंड)  
जाने क्या हो
इश्क ने ऐसा शंख बजाया (लव यू फैमिली)
बुरी बुरी (डिअर माया)
बनजारा (मॉम) 
कहना ही क्या (बोम्बे) 
तेरी ज़मीन (राग देश)
चदता सूरज (इंदु सरकार)
बखेड़ा /हंस मत पगली (टॉयलेट एक प्रेम कथा )
बर्फानी (बबुमोशाय बन्दूकबाज़)

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

निशक्त घुटने (लघुकथा) - कुणाल शर्मा

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार 31 जुलाई को मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन के अवसर पर आपने अनुराग शर्मा के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की भावमय कथा राष्ट्र का सेवक का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं युवा लेखक कुणाल शर्मा की एक लघुकथा निशक्त घुटने जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "सेतु द्वैभाषिक पत्रिका" पर उपलब्ध है। "निशक्त घुटने" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




27 अप्रैल 1981 को अम्बाला (हरियाणा) में जन्मे कुणाल शर्मा कहानी, लघुकथा, तथा कविताएँ लिखते हैं।

एम. ए. (अंग्रेजी) बी.एड शिक्षित कुणाल आजकल एक सरकारी विद्यालय में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"लेकिन पिताजी, आपके घुटनों का दर्द भी तो बढ़ता जा रहा है!”
 (कुणाल शर्मा कृत "निशक्त घुटने" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
निशक्त घुटने MP3

#15th Story, Rashtra Ka Sewak: Kunal Sharma / Hindi Audio Book 2017/15. Voice: Anurag Sharma

सोमवार, 11 सितंबर 2017

फिल्मी चक्र समीर गोस्वामी के साथ || एपिसोड 06 || नूतन

Filmy Chakra

With Sameer Goswami 
Episode 06
Nutan 

फ़िल्मी चक्र कार्यक्रम में आप सुनते हैं मशहूर फिल्म और संगीत से जुडी शख्सियतों के जीवन और फ़िल्मी सफ़र से जुडी दिलचस्प कहानियां समीर गोस्वामी के साथ, लीजिये आज इस कार्यक्रम के छठे एपिसोड में सुनिए कहानी लाजवाब बेमिसाल नूतन की...प्ले पर क्लिक करें और सुनें....



फिल्मी चक्र में सुनिए इन महान कलाकारों के सफ़र की कहानियां भी -
किशोर कुमार
शैलेन्द्र 
संजीव कुमार 
आनंद बक्षी
सलिल चौधरी 

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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